Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. पोषणयुक्त आहार, खाद्य सुरक्षा समेत हमें इन चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना होगा...बेंगलुरु में बोले कृषि मंत्री चौहान
एग्री बुलेटिन

पोषणयुक्त आहार, खाद्य सुरक्षा समेत हमें इन चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना होगा...बेंगलुरु में बोले कृषि मंत्री चौहान

आज भी 50 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। जीडीपी में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी कृषि क्षेत्र की है। साथ ही इस वर्ष चौथी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 7.5 प्रतिशत है, जिसमें कृषि का योगदान 5.

NP

Pooja Rai· Correspondent

9 जून 2025· 4 min read

agriculture newskarnataka newskheti kisani
पोषणयुक्त आहार, खाद्य सुरक्षा समेत हमें इन चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना होगा...बेंगलुरु में बोले कृषि मंत्री चौहान

पोषणयुक्त आहार, खाद्य सुरक्षा समेत हमें इन चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना होगा...बेंगलुरु में बोले कृषि मंत्री चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत किसानों से संवाद किया। 15 दिवसीय इस अभियान की शुरुआत 29 मई को ओडिशा से हुई थी, जो 12 जून तक चलेगा। अब-तक 11 दिनों में कृषि मंत्री ने विभिन्न राज्यों जिसमें ओडिशा के साथ-साथ जम्मू, हरियाणा, उत्तर-प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड व मध्य प्रदेश शामिल हैं, का दौरा कर लाखों किसानों से संवाद किया है। इसी कड़ी में उन्होंने बेंगलुरु में किसानों से बातचीत की।

चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि शोध के क्षेत्र में वैज्ञानिकों के प्रयास सराहनीय हैं। बेंगुलरु ग्रामीण और आस-पास के क्षेत्रों में बागवानी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। किसानों ने स्वयं भी कई प्रकार के शोध व प्रयोग करके कृषि नवाचार में नए अध्याय जोड़े हैं। आज मैंने ‘कमलम’ (ड्रैगन फ्रूट) की खेती देखी। ‘कमलम’ की खेती के बारे में किसानों ने अऩुभव साझा किए। मुझे जानकारी मिली की ‘कमलम’ की खेती में पहले दो वर्ष तक उतना फायदा नहीं होता, लेकिन तीसरे साल के बाद 6 से 7 लाख रुपये आसानी से बचाए जा सकते हैं। टमाटर के खेतों का भी भ्रमण किया मुझे किसान भाइयों ने ही बताया, कई बार कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद भी 3 से 4 लाख रुपये प्रति एकड़ कमाया जा सकता है।

जीडीपी में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी कृषि क्षेत्र की
उन्होंने कहा कि ‘लैब से लैंड’ जुड़ना जरूरी है। रिसर्च की रीयल टाइम में किसानों तक पहुंच हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जलवायु और क्षेत्र की विशेषता के अनुसार फलों, सब्जियों और फसलों की उपज की सही जानकारी किसानों तक पहुंचनी चाहिए। आज भी 50 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। जीडीपी में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी कृषि क्षेत्र की है। साथ ही इस वर्ष चौथी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 7.5 प्रतिशत है, जिसमें कृषि का योगदान 5.4 प्रतिशत है। कृषि में 1 या 2 प्रतिशत की विकास दर बड़ी मानी जाती है। उस लिहाज में यह समझा जा सकता है कि किस प्रकार हम कृषि क्षेत्र में उन्नति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

ये भी पढ़ें - MSP पर 29.92 मिलियन टन गेहूं की खरीदारी की गई, जानिए वर्तमान में FCI के पास कितना मिलियन टन है गेहूं का स्टॉक?

चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में करना है काम
शिवराज सिंह ने कहा कि हमें चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना होगा, जिनमें शामिल हैं-

145 करोड़ आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा

पोषणयुक्त आहार

किसानों के लिए कृषि क्षेत्र को लाभ में बदलना

मिट्टी की उर्वरक क्षमता को सुरक्षित रखना

उन्होंने नकली बीजों, उर्वरकों, कीटनाशकों के प्रति भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ताहीन बीज या कीटनाशक बनाने वालों के प्रति सरकार सख्ती से पेश आएगी। कानून बनाया जा रहा है। ऐसे कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विश्व का ‘फूड बास्केट’ बनेगा भारत
उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि 16 हजार वैज्ञानिक खेतों में किसानों के पास जाकर शोध की जानकारी दे रहे हैँ। ‘एक राष्ट्र-एक कृषि-एक टीम’ विजन के साथ हम सभी को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। सम्मिलित प्रयासों से भारत को विश्व का ‘फूड बास्केट’ बनने से कोई रोक नहीं सकेगा। हम अपने देश की जरूरतें भी पूरी करेंगे और विदेशों में निर्यात की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। किसान सीधे अपनी उपज बेच सके, बिचौलियों की भूमिका कम हो इन्हीं सब पहलुओं को देखते हुए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) बनाई गई है। आलू, प्याज और टमाटर इन तीन फसलों के लिए यदि कोई किसान कम कीमत के कारण अपने क्षेत्र की जगह बड़े शहरों या ऐसे राज्यों जहां उनकी उपज की कीमत अधिक है, वहां ले जाकर अपनी फसल को बेचना चाहे तो ऐसी स्थिति में परिवहन में होने वाली परिचालन लागत का खर्चा केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर ना रहें किसान
केंद्रीय कृषि मंत्री ने सभी किसानों से कहा कि सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर ना रहें। आगे बढ़ते हुए कृषि विविधिकरण, प्रोसेसिंग का मार्ग भी चुनें। निर्यात के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की दिशा में भी कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर संभव तरीके से कृषि को किसानों के लिए फायदे में बदलने की कोशिश कर रही है। हर स्थिति में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों की समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— पोषणयुक्त आहार, खाद्य सुरक्षा समेत हमें इन चार प्रमुख लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना होगा...बेंगलुरु में बोले कृषि मंत्री चौहान

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs