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पीलीभीत बनेगा बासमती अनुसंधान और निर्यात का नया हब

पीलीभीत में एपीडा द्वारा देश का दूसरा बासमती बीज उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। यह केंद्र किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक खेती और जैविक कृषि का प्रशिक्षण देगा, जिससे बासमती की गुणवत्ता, निर्यात

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Pooja Rai·Correspondent·29 Dec 2025· 2 min read

पीलीभीत बनेगा बासमती अनुसंधान और निर्यात का नया हब

पीलीभीत बनेगा बासमती अनुसंधान और निर्यात का नया हब

पीलीभीत में एपीडा द्वारा देश का दूसरा बासमती बीज उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। यह केंद्र किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक खेती और जैविक कृषि का प्रशिक्षण देगा, जिससे बासमती की गुणवत्ता, निर्यात और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले को बड़ी और ऐतिहासिक सौगात मिली है। यहां भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाली संस्था एपीडा (APEDA) देश का दूसरा बासमती बीज उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने जा रही है। इसके साथ ही यहां जैविक खेती का प्रदर्शन फार्म भी बनाया जाएगा। यह केंद्र बासमती पर रिसर्च, बीज उत्पादन और किसानों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

अमरिया तहसील में बनेगा केंद्र
यह केंद्र पीलीभीत की अमरिया तहसील के टांडा बिजैसी गांव में करीब 7 एकड़ कृषि भूमि पर बनेगा। इस परियोजना को पीलीभीत सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों से मंजूरी मिली है। राज्य सरकार ने भी भूमि आवंटन को हरी झंडी दे दी है, जिससे अब जल्द ही बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं का निर्माण शुरू होगा।

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बासमती किसानों को बड़ा फायदा
इस केंद्र से पीलीभीत और आसपास के इलाकों के बासमती किसानों को बड़ा फायदा होगा। यहां किसानों को उन्नत किस्मों के बीज, आधुनिक खेती के तरीके, कीट-रोग नियंत्रण, जैविक खेती और बीज उत्पादन की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। शुद्ध और प्रमाणित बीज मिलने से खेती की लागत घटेगी और बासमती की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिल सकेगी।

एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
बासमती निर्यातकों और उद्यमियों के लिए भी यह केंद्र उपयोगी साबित होगा। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों, निर्यात प्रक्रिया, अवशेष जांच और गुणवत्ता से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पीलीभीत को बासमती निर्यात के नक्शे पर एक खास पहचान मिलेगी।

रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे
केंद्र की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और युवाओं को एग्री-बिजनेस से जुड़ने का मौका मिलेगा। किसानों और स्थानीय लोगों ने इसे पीलीभीत के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र की कृषि और अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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