News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन: भारत में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल
एग्री बुलेटिन

पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन: भारत में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल

पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन का उद्देश्य भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है और आयात पर निर्भरता कम करना है। मिशन के तहत तुअर, उरद और मसूर जैसी फसलों के लिए MSP आधारित खरीद और उन्नत बीज, सिंचाई,

NP

Pooja Rai·Correspondent·06 Oct 2025· 3 min read

पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन: भारत में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल

पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन: भारत में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल

पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन का उद्देश्य भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है और आयात पर निर्भरता कम करना है। मिशन के तहत तुअर, उरद और मसूर जैसी फसलों के लिए MSP आधारित खरीद और उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण व प्रसंस्करण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, घरेलू दलहन आपूर्ति सुनिश्चित होगी और पोषण सुरक्षा मजबूत होगी। मिशन 2025-26 से 2030-31 तक चलेगा और भारत को भविष्य में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेगा।

भारत में दलहन की बढ़ती मांग और आयात पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने "पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन" की शुरुआत की है। यह मिशन 6 वर्षों (2025-26 से 2030-31) तक चलेगा और इसका उद्देश्य भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।

मिशन का उद्देश्य

आत्मनिर्भरता प्राप्ति: 2030-31 तक भारत में दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक बढ़ाना।

आयात में कमी: विदेशों से दलहन आयात पर निर्भरता को कम करना।

किसानों की आय में वृद्धि: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद प्रणाली के माध्यम से किसानों की आय में सुधार।

पोषण सुरक्षा: दलहन की उपलब्धता बढ़ाकर पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना।

मुख्य फसलें और MSP आधारित खरीद
इस मिशन का मुख्य फोकस तुअर (अरहर), उरद (काले चने) और मसूर (लाल मसूर) पर है। सरकार ने इन फसलों के लिए MSP आधारित खरीद प्रणाली की घोषणा की है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

ये भी पढ़ें - अब कपास बेचना हुआ आसान, डिजिटल ऐप से किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

रणनीतियाँ और क्रियान्वयन

उन्नत बीजों का वितरण: उच्च उत्पादकता वाले, रोग प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल बीजों का वितरण।

कृषि अनुसंधान और विकास: दलहन की नई किस्मों का विकास और उनका प्रचार-प्रसार।

सिंचाई और जल प्रबंधन: जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सिंचाई प्रणालियों का सुधार।

भंडारण और प्रसंस्करण: उपज के बाद भंडारण सुविधाओं का निर्माण और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना।

लाभार्थी किसान और क्रियान्वयन एजेंसियाँ
इस मिशन का मुख्य लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जो दलहन की खेती करते हैं। मिशन के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के पास है, जो किसानों को उचित मूल्य और सुविधा सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।

भविष्य की दिशा
इस मिशन के तहत, भारत के नीति आयोग ने 2047 तक दलहन उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे न केवल घरेलू मांग पूरी हो सके, बल्कि निर्यात के माध्यम से विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सके।
यदि आप इस मिशन से संबंधित अधिक जानकारी चाहते हैं या आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप संबंधित राज्य कृषि विभाग या NAFED/NCCF की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— पल्सेज आत्मनिर्भरता मिशन: भारत में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newskheti kisaniNews PotliPulses Self-Reliance Missionखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs