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“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना में नई नीति, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना की नई नीति लागू की है, ताकि पानी की हर बूंद का सही उपयोग हो और किसानों की आय बढ़े। अब राज्य अपनी जरूरत के अनुसार जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बना

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Pooja Rai· Correspondent

17 अक्टूबर 2025· 3 min read

“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना में नई नीति, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना में नई नीति, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना की नई नीति लागू की है, ताकि पानी की हर बूंद का सही उपयोग हो और किसानों की आय बढ़े। अब राज्य अपनी जरूरत के अनुसार जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बना सकेंगे। खर्च की सीमा में लचीलापन दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर योजनाएं तेजी से लागू होंगी। इस नीति से जल प्रबंधन, फसलों की पैदावार और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है।

केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (Per Drop More Crop) योजना की नई नीति लागू की है। इस नीति का मकसद है पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल करना और राज्यों को अपनी जरूरत के हिसाब से जल संरक्षण परियोजनाएं बनाने में सक्षम बनाना। अब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश छोटे स्तर पर जल भंडारण और सिंचाई योजनाएं बना सकेंगे।

नई नीति में क्या है खास
नई नीति में डिग्गी निर्माण, जल संचयन प्रणाली और सूक्ष्म सिंचाई जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है। इन सुविधाओं का फायदा सिर्फ व्यक्तिगत किसानों को नहीं बल्कि पूरे समुदाय को भी मिलेगा, ताकि खेतों में पानी की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

खर्च पर लगी सीमा अब लचीली
पहले योजना में राज्यों के लिए “अन्य पहल” पर खर्च की सीमा तय थी। सामान्य राज्यों के लिए 20% और पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों के लिए 40%। अब यह सीमा हटाकर लचीलापन दिया गया है। यानी राज्य अपनी स्थानीय जरूरत के अनुसार अधिक राशि खर्च कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें - शिवराज सिंह ने किसानों की शिकायतों का समाधान तेज करने के दिए निर्देश

फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद
कृषि मंत्रालय का कहना है कि इस नई नीति से जल प्रबंधन और सूक्ष्म सिंचाई तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को सूखे या अनियमित बारिश वाले क्षेत्रों में भी पानी उपलब्ध रहेगा और फसलों की पैदावार बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य है कि जल संरक्षण एक जन आंदोलन बन सके और पानी की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित हो।

केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक में इस नीति और KVK नेटवर्क की मजबूती पर चर्चा की। देशभर में 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) हैं, जो किसानों तक नई तकनीक, प्रशिक्षण और कृषि नवाचार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों को मजबूत करना और छोटे किसानों के लिए उन्हें और प्रभावी बनाना जरूरी है।

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