News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. पंजाब में बाढ़ और बारिश से गेहूं की बुवाई पीछे, कृषि विभाग ने सुझाईं देर वाली किस्में
एग्री बुलेटिन

पंजाब में बाढ़ और बारिश से गेहूं की बुवाई पीछे, कृषि विभाग ने सुझाईं देर वाली किस्में

पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण इस बार गेहूं की बुवाई काफी देर से हो रही है। पिछले साल की तुलना में लगभग 4.85 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है, जिससे उत्पादन घटने की चिंता बढ़ गई

NP

Pooja Rai·Correspondent·22 Nov 2025· 3 min read

पंजाब में बाढ़ और बारिश से गेहूं की बुवाई पीछे, कृषि विभाग ने सुझाईं देर वाली किस्में

पंजाब में बाढ़ और बारिश से गेहूं की बुवाई पीछे, कृषि विभाग ने सुझाईं देर वाली किस्में

पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण इस बार गेहूं की बुवाई काफी देर से हो रही है। पिछले साल की तुलना में लगभग 4.85 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है, जिससे उत्पादन घटने की चिंता बढ़ गई है। स्थिति संभालने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को देर से बोई जाने वाली किस्मों की सलाह दी है। वहीं मुफ्त बीज वितरण में देरी और सप्लाई की दिक्कतों ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।

पंजाब में इस साल लगातार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति ने खेती-बाड़ी की रफ्तार को बुरी तरह प्रभावित किया है। आमतौर पर 15 नवंबर तक गेहूं की बुवाई पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार खेतों में पानी भरने, नदियों के उफान से गाद जमने और कई जगहों पर जमीन कटने की वजह से बुवाई काफी देर से हो रही है। कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस बार अब तक सिर्फ 30.14 लाख हेक्टेयर में ही गेहूं बोया गया है, जो पिछले साल के 35 लाख हेक्टेयर के मुकाबले करीब 4.85 लाख हेक्टेयर कम है।

उत्पादन पर मंडराती चिंता
बुवाई में देरी सीधे तौर पर गेहूं उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। इससे न सिर्फ किसानों की आय पर असर पड़ेगा, बल्कि केंद्र के बफर स्टॉक में पंजाब के योगदान में भी कमी आ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को देर से बोई जाने वाली किस्मों की सलाह दी है ताकि उत्पादन पर ज्यादा असर न पड़े।

किन किस्मों की सलाह दी गई है?
अधिकारियों ने बताया कि PBW RS1 और PBW उन्नत 550 को नवंबर के अंत तक बोया जा सकता है। PBW 771 और PBW 752 दिसंबर के अंत तक बोई जा सकती हैं। इसके अलावा PBW 757 ऐसी किस्म है जिसे किसान 15 जनवरी तक बो सकते हैं। विभाग को उम्मीद है कि ये देर से बोई जाने वाली किस्में उत्पादन में गिरावट को काफी हद तक रोकेंगी।

ये भी पढ़ें - नागपुर में एग्रो विजन का शुभारंभ, किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएँ

मुफ्त बीज को लेकर विवाद
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को मुफ्त बीज देने की घोषणा की थी, लेकिन कई किसानों ने आरोप लगाया कि बीज बुवाई का सही समय निकल जाने के बाद मिले। हालांकि कृषि विभाग का कहना है कि सभी योग्य किसानों को समय पर बीज मिल गए। विभाग के मुताबिक 23 अक्टूबर से बीज वितरण शुरू हुआ और अब तक 1.50 लाख क्विंटल बीज बांटा जा चुका है।

बीज सप्लाई में देरी से बढ़ी दिक्कत
दूसरी ओर, कई वरिष्ठ अधिकारियों ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि बरसीम, मसूर, चना और गेहूं के बीजों की सप्लाई में देरी हुई, जबकि इन्हें बाढ़ प्रभावित गांवों में मुफ्त और अन्य किसानों को सब्सिडी पर देना था। अब बुवाई का समय बीत चुका है, इसलिए जिलों के अधिकारी इन बीजों को बेचने के नए तरीके खोज रहे हैं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— पंजाब में बाढ़ और बारिश से गेहूं की बुवाई पीछे, कृषि विभाग ने सुझाईं देर वाली किस्में

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newskheti kisaniNews Potlipunjabwheat cropwheat new varietyकिसान समाचारखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs