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धान की नर्सरी तैयार करने का उन्नत तरीका क्या है? IARI ने जारी की एडवाइजरी

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान यानी IARI ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। एडवाइजरी में धान की नर्सरी तैयार करने से लेकर धान की उन्नत किस्मों के अलावा दलहनी फसलों की बुवाई का के बारे म

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Pooja Rai·Correspondent·04 Jun 2025· 3 min read

धान की नर्सरी तैयार करने का उन्नत तरीका क्या है? IARI ने जारी की एडवाइजरी

धान की नर्सरी तैयार करने का उन्नत तरीका क्या है? IARI ने जारी की एडवाइजरी

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान यानी IARI ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। एडवाइजरी में धान की नर्सरी तैयार करने से लेकर धान की उन्नत किस्मों के अलावा दलहनी फसलों की बुवाई की भी जानकारी दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने मौसम को देखते किसानों को धान की नर्सरी तैयारी करने की सलाह दी है। एक हैक्टेयर में धान की रोपाई के लिए किसानों को लगभग 800 से 1000 वर्ग मीटर में पौध तैयार करनी चाहिए। नर्सरी के लिए खेत में 1.25 से 1.5 मीटर चौडी क्यारियां बनाएं।

IARI ने किसानों को सलाह दी है कि नर्सरी के लिए बीजों की बुवाई से पहले 5 किलो बीजों को बावस्टिन की 10 से 12 ग्राम मात्रा और 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाइक्लिन को 10 लीटर पानी में घोल लें। इस घोल में पांच किलों बीजों को 12 से 15 घंटों के डाल दें। 15 घंटे के बाद बीजों को छायादार स्थान में 24 से 36 घंटों के लिए ढककर रखें। इस दौरान पानी का हल्का-हल्का छिडकाव करते रहें। बीज में अंकुरण होने पर पौधशाला में छिड़काव कर दें।

इन किस्मों की करें बुवाई
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, पूसा बासमती 1985, पूसा बासमती 1979, पूसा बासमती 1692, पूसा बासमती 1509, पूसा बासमती 1885, पूसा बासमती 1847, पूसा बासमती 1637, पूसा 44, पूसा 1718, पूसा सुगंध 5, पूसा सुगंध 4 (पूसा 1121), पंत धान 4 और पंत धान 10 को अधिक उपज देने वाली धान की किस्में हैं।

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इस हफ्ते करें अरहर की बुवाई
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को इस हफ्ते अरहर की बुवाई करने की भी सलाह दी है। बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए बुवाई के दौरान किसान खेत में नमी सुनिश्चित करें। बुवाई से पहले बीजों का उपचार कर लें। बीज उपचार से फसल के उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। अरहर की उपयुक्त किस्मों में पूसा अरहर-16, पूसा 2001, पूसा 2002, पूसा 991, पूसा 992, हैं।

मूंग और उड़द की बुवाई के लिए रखें इन बातों का ध्यान
मूंग और उड़द की बुवाई से पहले अच्छे अंकुरण के लिए खेत में अच्छी नमी होनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों ने एडवाइजरी में मूंग के लिए पूसा-1431, पूसा-1641, पूसा विशाल, पूसा-5931, एस एम एल-668, सम्राट का नाम शामिल किया है। इसी तरह उड़द की टाईप-9, टी-31, टी-39 का नाम सलाह में दर्ज है। बुवाई से पहले किसान बीजों को राईजोबीयम और फास्फोरस सोलूबलाईजिंग बेक्टीरिया से उपचारित कर सकते हैं।

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