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देशभर में मक्का के दाम गिरे, जानिए क्या है वजह?

देशभर में मक्का के दाम MSP ₹2,400 से नीचे चल रहे हैं। वजह है नई फसल की ज्यादा आवक, रिकॉर्ड उत्पादन और एथनॉल-पोल्ट्री फीड सेक्टर से घटती मांग। महाराष्ट्र में दाम ₹950 तक गिर गए हैं। तेलंगाना सरकार ने M

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Pooja Rai·Correspondent·05 Nov 2025· 3 min read

देशभर में मक्का के दाम गिरे, जानिए क्या है वजह?

देशभर में मक्का के दाम गिरे, जानिए क्या है वजह?

देशभर में मक्का के दाम MSP ₹2,400 से नीचे चल रहे हैं। वजह है नई फसल की ज्यादा आवक, रिकॉर्ड उत्पादन और एथनॉल-पोल्ट्री फीड सेक्टर से घटती मांग। महाराष्ट्र में दाम ₹950 तक गिर गए हैं। तेलंगाना सरकार ने MSP पर 8 लाख टन मक्का खरीद शुरू की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फीड इंडस्ट्री की बढ़ती मांग से जल्द दामों में सुधार हो सकता है।

देशभर की मंडियों में इन दिनों मक्का (Maize) के दाम गिर गए हैं। मौजूदा समय में ज्यादातर जगहों पर मक्का की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल से नीचे चल रही हैं। इसकी वजह है नई फसल की बढ़ती आवक, रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद और एथनॉल व पोल्ट्री फीड सेक्टर से घटती मांग।

कई राज्यों की मंडियों में मक्का के भाव ₹1,300 से ₹2,100 प्रति क्विंटल के बीच हैं। किसानों ने सरकार से MSP पर खरीद की मांग की है। इसी दिशा में तेलंगाना सरकार ने पहल करते हुए MSP पर मक्का की खरीद शुरू की है और लगभग 8 लाख टन अनाज खरीदने की योजना बनाई है।

मक्का उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद
इस खरीफ सीजन (2025-26) में किसानों ने मक्का की खेती का क्षेत्रफल करीब 1 मिलियन हेक्टेयर बढ़ाया है। पिछले साल 8.43 मिलियन हेक्टेयर में मक्का बोई गई थी, जबकि इस साल यह बढ़कर 9.49 मिलियन हेक्टेयर हो गई है।
हालांकि कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश से फसल को नुकसान हुआ है, फिर भी कुल उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर रहने का अनुमान है।सरकारी तीसरे अग्रिम अनुमान (2024-25) के मुताबिक भारत में मक्का का उत्पादन 422.81 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले साल (376.65 लाख टन) से काफी ज्यादा है।

एथनॉल सेक्टर और पोल्ट्री फीड से घटती मांग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बार एथनॉल उत्पादकों ने मक्का की कम खरीद की है क्योंकि सरकार ने 52 लाख टन चावल एथनॉल उत्पादन के लिए आवंटित किया है। इसके अलावा, एथनॉल उत्पादन से निकलने वाला DDGS (Distillers’ Dried Grains with Solubles) भी बड़ी मात्रा में उपलब्ध हो गया है। यह पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होता है, जिससे पोल्ट्री सेक्टर की मक्का पर निर्भरता घट गई है।

ये भी पढ़ें - छत्तीसगढ़ से निकली पोषण वाली पहली चावल खेप, कोस्टा रिका को निर्यात

महाराष्ट्र में भारी गिरावट
महाराष्ट्र के जालना और सांगली जैसे मक्का उत्पादक जिलों में इस बार दामों में बड़ी गिरावट आई है।पिछले साल जालना में मक्का ₹1,900–2,300 और सांगली में ₹2,350–2,450 प्रति क्विंटल तक बिक रहा था।इस साल जालना मंडी में मॉडल प्राइस ₹1,450, न्यूनतम ₹950 और अधिकतम ₹1,800 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।

तेलंगाना सरकार ने बढ़ाया किसानों का भरोसा
तेलंगाना सरकार ने इस बार 11.50 लाख टन अनुमानित उत्पादन में से 8 लाख टन मक्का की खरीद का फैसला किया है।अब तक राज्य में ₹50 करोड़ की लागत से 20,584 क्विंटल मक्का खरीदा जा चुका है।राज्य के 123 खरीद केंद्रों पर यह प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।हाल ही में आए चक्रवात ‘मोंथा’ से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की फसलों को भारी नुकसान हुआ था।इस पर कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव ने केंद्र सरकार से प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत मक्का को शामिल करने की मांग की है।

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