News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. तकनीक से तरक्की
  3. ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार
तकनीक से तरक्की

ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार

पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में अनार की खेती किसानों के लिए आमदनी का बड़ा जरिया बन गई है। ड्रिप इरिगेशन, टिशू कल्चर पौधों और सरकारी सब्सिडी की मदद से बालोतरा, बाड़मेर और जालौर जैसे क्षेत्रों

NP

Pooja Rai·Correspondent·27 Dec 2025· 4 min read

ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार

ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार

पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में अनार की खेती किसानों के लिए आमदनी का बड़ा जरिया बन गई है। ड्रिप इरिगेशन, टिशू कल्चर पौधों और सरकारी सब्सिडी की मदद से बालोतरा, बाड़मेर और जालौर जैसे क्षेत्रों में किसान लाखों रुपये कमा रहे हैं। ईश्वर सिंह और बीमा राम जैसे किसान साबित कर रहे हैं कि सही तकनीक के साथ रेगिस्तान में भी खेती से बड़ा मुनाफा संभव है।

राजस्थान का रेगिस्तान, जहां कभी खेती करना सपना माना जाता था, आज वहीं से किसानों की किस्मत बदलने की कहानियां निकल रही हैं। पानी की भारी कमी, रेतीली मिट्टी और कठिन जलवायु के बावजूद पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, बालोतरा और जालौर जैसे इलाकों में अनार की खेती ने एक नई क्रांति शुरू कर दी है। आज यह इलाका “लाल सोना” यानी अनार के लिए जाना जा रहा है।

'आज से दस साल पहले पारंपरिक खेती से मुश्किल से दो ढाई लाख की कमाई हो पाती थी, लेकिन आज के समय में सिर्फ़ 30 बीघे में अनार की खेती से 30 -35 लाख की कमाई हो जाती है। इसके अलावा बाकी के खेत में अभी भी गेहूँ, जीरा जैसी फसलें लगते हैं ।
- किसान ईश्वर सिंह

इस बदलाव की एक बड़ी मिसाल हैं बालोतरा के प्रगतिशील किसान ईश्वर सिंह। ईश्वर सिंह ने करीब 30 बीघा जमीन में अनार की खेती शुरू की और आज वे सालाना 30 से 35 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। कभी पारंपरिक खेती से सीमित आमदनी करने वाले ईश्वर सिंह ने जब आधुनिक तकनीक के साथ अनार की खेती अपनाई, तो उनकी सोच और आमदनी दोनों बदल गईं। उन्हीं की तरह बाड़मेर के किसान बीमा राम भी अनार की खेती से हर साल लाखों रुपये कमा रहे हैं।

'पहले हम खुली सिंचाई करते थे। यहाँ की ज़मीन ऊपर नीचे है इसलिए अच्छे से हर जगह पानी नहीं पहुँच पाता था। लेकिन जब से हम ड्रिप से सिंचाई करते हैं कम पानी में ही पूरे खेत को जरूरत के हिसाब से पानी मिल जाता है और फसल भी अच्छी होती है ।'
- किसान ईश्वर सिंह

रेगिस्तान में अनार की सफलता के पीछे कई अहम वजहें हैं। सबसे बड़ी भूमिका निभाई है ड्रिप इरिगेशन ने, जिससे बहुत कम पानी में पौधों को सही मात्रा में नमी मिलती है। इसके अलावा जैन टिशू कल्चर से तैयार किए गए अनार के पौधे ज्यादा एकरूप, रोग-प्रतिरोधी और अधिक उत्पादन देने वाले साबित हो रहे हैं। रेतीली मिट्टी और गर्म जलवायु अनार के लिए अनुकूल साबित हुई, जिससे फल की गुणवत्ता बेहतर हुई और बाजार में इसकी मांग बढ़ी।

'इस क्षेत्र के खारे पानी और बालुई मिट्टी के कारण यहां उगने वाले अनार का रंग, स्वाद और आकार बेहद बेहतरीन होता है। यही वजह है कि यहां के अनार की बाजार में खास मांग रहती है और इसकी गुणवत्ता दूसरे इलाकों के अनार से अलग मानी जाती है।'
- किसान ईश्वर सिंह

सरकार की सब्सिडी ने भी किसानों का हौसला बढ़ाया है। ड्रिप इरिगेशन, पौधरोपण और बागवानी योजनाओं पर 70 से 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलने से किसानों की शुरुआती लागत काफी कम हुई। लगातार हो रही रिसर्च और कृषि विभाग की तकनीकी मदद ने किसानों को सही जानकारी और मार्गदर्शन दिया।

'जैन टिश्यू कल्चर के पौधे सबसे अच्छे होते हैं, जितना पौध हम लगाते हैं सब तैयार हो जाता है, कोई बेकार नहीं होता। इसके फल में भी चमक और स्वाद होता है। इसलिये हमे अच्छा रेट मिलता है। हम दूसरे किसानों को भी यही लगाने की सलाह देते हैं।'
- किसान ईश्वर सिंह

आज राजस्थान का अनार देश-विदेश के व्यापारियों के बीच प्रीमियम रेट पर बिक रहा है। बेहतर रंग, स्वाद और शेल्फ लाइफ के कारण व्यापारी यहां का अनार ऊंचे दाम पर खरीद रहे हैं। यही वजह है कि एक ही फसल ने पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी है।

रेगिस्तान में अनार की यह कहानी बताती है कि अगर सही फसल, सही तकनीक और सरकारी सहयोग मिल जाए, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी खेती मुनाफे का सौदा बन सकती है। इस वीडियो में किसान ईश्वर सिंह ने अनार की खेती का तरीका साझा किया है।

देखिए वीडियो -

News Potli.
Clip & Share
“

— ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsDrip irrigationkheti kisaniNews PotliPomegranate farmingrajasthan farmersSUBSIDY SCHEMESTaknik Se Tarakkitissue cultureखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर
तकनीक से तरक्की

5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर

चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है। बागवानी, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट मार्केटिंग और फसल कैलेंडर के जरिए उन्होंने नई फसलों क

Pooja Rai·24 Dec 2025·3 min
साइंस-बेस्ड इंटरक्रॉपिंग: तरबूज से लागत निकाली, केला शुद्ध मुनाफा, टर्नओवर 60 लाख रुपये
तकनीक से तरक्की

साइंस-बेस्ड इंटरक्रॉपिंग: तरबूज से लागत निकाली, केला शुद्ध मुनाफा, टर्नओवर 60 लाख रुपये

मध्यप्रदेश के केले के गढ़ बुरहानपुर के किसान राजेंद्र गंभीर पाटिल हमेशा से केले की खेती करते आ रहे हैं। केले के साथ वो तरबूज की सहफसली खेती भी करते हैं। नई तकनीक से खेती कर रहे इस किसान का टर्नओवर 45-

Jalish·20 Nov 2025·5 min
खेती से कमाई की नई मिसाल, खंडवा के किसान रविंद्र यादव की कहानी
तकनीक से तरक्की

खेती से कमाई की नई मिसाल, खंडवा के किसान रविंद्र यादव की कहानी

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के किसान रविंद्र यादव ने मेहनत और तकनीक से खेती को मुनाफे का बिज़नेस बना दिया है।ड्रिप इरिगेशन से पानी की बचत और उत्पादन दोगुना हुआ।वे अरबी और अदरक जैसी फसलों से सालाना 20–25

Pooja Rai·21 Oct 2025·4 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs