News Potli
एग्री बुलेटिन

चीनी उत्‍पादन में 2 दो फीसदी तक ग‍िरावट का अनुमान, लेकिन बाजार में उपलब्‍धता को लेकर संकट नहीं

देश में चीनी का उत्‍पादन 2 फीसदी तक कम हो सकता है। मंगलवार को जारी अपने अनुमान में भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) ने बताया कि चीनी का उत्‍पादन 33.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। चीनी र‍िकवरी दर जलाशयों में

NP

Indal·Correspondent·31 Jul 2024· 2 min read

चीनी उत्‍पादन में 2 दो फीसदी तक ग‍िरावट का अनुमान, लेकिन बाजार में उपलब्‍धता को लेकर संकट नहीं

चीनी उत्‍पादन में 2 दो फीसदी तक ग‍िरावट का अनुमान, लेकिन बाजार में उपलब्‍धता को लेकर संकट नहीं

देश में चीनी का उत्‍पादन 2 फीसदी तक कम हो सकता है। मंगलवार को जारी अपने अनुमान में भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) ने बताया कि चीनी का उत्‍पादन 33.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। चीनी र‍िकवरी दर जलाशयों में पानी की उपलब्धता और दक्षिण-पश्चिम मानसून 2024 के दौरान अनुमानित बार‍िश के विश्लेषण के बाद यह अनुमान जारी किया गया है।

अपने पूर्वानुमान में इस्‍मा ने देश के सकल चीनी उत्पादन (इथेनॉल के लिए डायवर्जन के बिना) को 2024-25 के लिए 33.310 मिलियन टन आंका है जबकि मौजूदा 2023-24 विपणन वर्ष में यह अनुमानित 33.995 मिलियन टन है। चालू विपणन वर्ष में शुद्ध चीनी उत्पादन 31.965 मिलियन टन रहने का अनुमान है जिसमें इथेनॉल बनाने के लिए 2.030 मिलियन टन डायवर्जन को भी शामिल किया गया है।

चीनी की कुल उपलब्धता 42.35 मिलियन टन होगी

इस्मा ने 1 अक्टूबर, 2024 तक 9.05 मिलियन टन का शुरुआती स्टॉक अनुमानित किया है, जबकि 2024-25 के दौरान सकल उत्पादन (इथेनॉल के लिए डायवर्जन के बिना) 33.3 मिलियन टन आंका गया है। इसलिए 2024-25 में चीनी की कुल उपलब्धता 42.35 मिलियन टन होगी। अगले विपणन वर्ष में घरेलू खपत 29 मिलियन टन रहने की संभावना है जिससे 30 सितंबर, 2025 तक अंतिम स्टॉक 13.35 मिलियन टन हो जाएगा।

यह भी पढ़ें- मछुआरों के लिए मछुआ क्रेडिट कार्ड, ले सकेंगे बिना गारंटी 1.60 लाख रुपये तक का लोन

ढाई महीने के लिए मानक स्टॉक 5.5 मिलियन टन रखा गया है। इसलिए मानक स्टॉक के अतिरिक्त अतिरिक्त स्टॉक 7.85 मिलियन टन है। इस्मा ने अपने बयान में कहा, "…चीनी का अतिरिक्त स्टॉक 2024-25 सीजन में निर्बाध इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम और चालू सीजन में निर्यात के लिए पर्याप्त होगा जिससे चीनी बाजार संतुलित रहेगा।"

NP

About the Author

Indal

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min