News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. कॉफी बोर्ड और जैन इरिगेशन के बीच MOU, टिशू कल्चर पौधों से बढ़ेगा कॉफी उत्पादन
एग्री बुलेटिन

कॉफी बोर्ड और जैन इरिगेशन के बीच MOU, टिशू कल्चर पौधों से बढ़ेगा कॉफी उत्पादन

देश में कॉफी का उत्पादन बढ़े इसके लिए कॉफी बोर्ड ने एक समझौता किया है. समझौते में शामिल दूसरी पार्टी है कंपनी JISL (जैन इरिगेशन सिस्टम लिमिटेड). समझौते के तहत जेआईएसएल कॉफी के किसानों को उन्नत, उच्च गु

NP

Rohit·Correspondent·24 Aug 2024· 4 min read

कॉफी बोर्ड और जैन इरिगेशन के बीच MOU, टिशू कल्चर  पौधों से बढ़ेगा कॉफी उत्पादन

कॉफी बोर्ड और जैन इरिगेशन के बीच MOU, टिशू कल्चर पौधों से बढ़ेगा कॉफी उत्पादन

देश में कॉफी का उत्पादन बढ़े इसके लिए कॉफी बोर्ड ने एक समझौता किया है. समझौते में शामिल दूसरी पार्टी है कंपनी JISL (जैन इरिगेशन सिस्टम लिमिटेड). समझौते के तहत जेआईएसएल कॉफी के किसानों को उन्नत, उच्च गुणवत्ता वाले और रोग प्रतिरोधी कॉफी पौधे मुहैया कराएगा. कॉफी बोर्ड के सचिव और सीईओ केजी जगदीश ने एक बयान में बताया कि , "दुनिया में पहली बार, हमने कॉफी के लिए टिशू कल्चर तकनीक का मानकीकरण किया है. पिछले कुछ सालों से हम टिशू कल्चर के सहारे लगाए गए कॉफी के पौधों की स्टडी में जुटे हुए थे. वे नियमित किस्मों की तुलना में बहुत आगे हैं.

उन्होंने कहा कि ज्यादा उत्पादन और बेहतर विकास के लिए टिशू कल्चर तकनीक कॉफी के लिए अच्छी है. समझौते के तहत
जैन इरिगेशन कंपनी, बोर्ड को रॉयल्टी देते हुए पौधे तैयार करेगी और कॉफी किसानों को बेचेगी .

भारत में कॉफी
पेय पदार्थों में चाय के दबदबे के बावजूद भारत में कॉफी अपना जलवा कायम रखने में साल दर साल सफल रही है. ना सिर्फ खपत के मामले में बल्कि कॉफी के उत्पादन के मामले में भी भारत टॉप 7 देशों में है.

भारत ऐसा इकलौता देश है जहाँ कॉफ़ी छायादार पेड़ों के नीचे उपजाई जाती है. भारत की कॉफी ज्यादा एसिडिक (अम्लीय) नहीं होती. स्वाद और खुशबू के मामले में भी भारतीय कॉफी एक अलग पहचान रखती है. कॉफी के उत्पादन में सबसे आगे हैं दक्षिण भारतीय राज्य. देश के कुल उत्पादन का कर्नाटक में 53 प्रतिशत, केरल में 28 प्रतिशत और तमिलनाडु में 11 प्रतिशत उत्पादन होता है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम,मणिपुर,नागालैंड ,मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी कॉफी की खेती होती है.

कॉफी का इतिहास

भारतीय कॉफ़ी के इतिहास में भी एक अनोखी महक है. कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया के अनुसार लगभग चार सौ साल पहले भारत में कॉफी की यात्रा शुरू हुई थी. उस जमाने के प्रसिद्ध संत बाबा बुदान यमन से सात जादुई फलियाँ लाए और उन्हें कर्नाटक के चंद्रगिरि पहाडियों पर रोपा. कॉफी बोर्ड के अनुसार इसके बाद से ही भारत में कॉफी की खेती शुरू हुई

छायादार फलों के साथ खेती

भारत में कॉफी की खेती छायादार पेड़ों के साथ की जाती है. कॉफी बागान में लगभग 50 से ज्यादा छायादार पेड़ होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसे पेड़ ढलवां धरती पर मिट्टी को बांध लेते हैं ताकि भू क्षरण ना हो. इसके अलावा तापमान ज्यादा होने पर कॉफी के पौधों पर पड़ने वाली डायरेक्ट धूप से भी बचाते हैं. भारत में अधिकतर जगहों पर कॉफी के साथ मसालों या फलों के पेड़ ही लगाए जाते हैं क्योंकि इनके पेड़ बड़े बड़े होते ही हैं और उसके साथ किसानों की डबल इनकम भी करा जाते हैं. कॉफी के साथ आपको अक्सर काली मिर्च, इलायची, वैनिला, संतरा तथा केला जैसी फसलों के पेड़ नजर आ जाएंगे. कॉफी की बागवानी के लिए तापमान कितना होना चाहिए, ये इस पर निर्भर करता है कि कॉफी की वैराइटी क्या है. कुछ प्रकार की कॉफीज गर्म जगहों पर भी हो सकती हैं और कुछ के लिए ठंडा मौसम जरूरी होता है. केंट्स, अरेबिका, रोबस्टा,एस.795, कावेरी और एस.एल.एन 9 - ये सब कॉफी की कुछ अच्छी वैराइटीज हैं

जरूरी है पेड़ों की कटाई-छँटाई

कॉफी की खेती में सबसे जरूरी हिस्सा है वक्त पर उसके पेड़ों की कटाई और छंटाई.इससे उनके पेड़ मजबूत होते हैं और उनका विकास सुनियोजित होता है जिसकी वजह से उनकी फल देने की क्षमता भी बढ़ती है. वैसे तो सारी फसलें कीटों की मार से कमजोर होती है लेकिन कॉफी को कीटों से सबसे ज्यादा खतरा होता है. एक बार अगर कीटों ने फसल पर डेरा बनाया, कॉफी की चेरी खराब हो जाएगी.

चेरी से बीन्स, बीन्स से कॉफी

कॉफी की चेरी आमतौर पर पकने पर लाल हो जाती है और फिर किसान उन्हें तोड़ लेते हैं. कई बार मशीनों का इस्तेमाल भी इन्हें तोड़ने के लिए होता है और कई बार किसान हाथ से ही चेरी तोड़ते हैं. दरअसल, भारत में उगाई जाने वाली कॉफी अक्सर उन ज़मीनों पर होती है जो समतल नहीं है, इस वजह से मशीन से चेरी नहीं तोड़ी जा सकती. लेकिन ब्राजील जैसे देश जहां समतल जमीनों पर कॉफी उत्पादन हो रहा है, वहाँ बड़े पैमाने पर मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है. एक कॉफी के पेड़ से औसतन 2 से 4 किलो चेरी निकलती है जिससे 400 ग्राम से लेकर 800 ग्राम बीन्स निकलते हैं.

News Potli.
Clip & Share
“

— कॉफी बोर्ड और जैन इरिगेशन के बीच MOU, टिशू कल्चर पौधों से बढ़ेगा कॉफी उत्पादन

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Agricultural Machineryagriculture newsCoffeeCoffee BoardCoffee Board of Indiacoffee farming solutionscropsDrinkshi-tech agri input productsIndiaindustrial productsJain Irrigation SystemsKG Jagadeeshamanaging directornon-conventional energyplastic productsTissue Culture protocoltissue culture protocolstissue culture technology
NP

About the Author

Rohit

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

Agribulletin
एग्री बुलेटिन

आलू किसानों को राहत से लेकर यूरिया की कीमत तक, इस हफ्ते की 6 बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में किसानों से जुड़ी कई अहम खबरें शामिल हैं। इसमें आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क में राहत, यूरिया की कीमत, एथेनॉल उत्पादन, गन्ने में प्लासी बोरर का खतरा, मौसम का हाल और मक्का, गेहूं व तुअर के ताजा बाजार भाव की जानकारी मिलेगी।

News Potli·16 Aug 2026
Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें
एग्री बुलेटिन

Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में खेती-किसानी से जुड़ी कई अहम खबरों पर नजर डालेंगे। नकली बीज-खाद की शिकायत की हेल्पलाइन से लेकर Draft Seeds Bill 2025, भारत-अमेरिका की सोयाबीन रिसर्च, अरहर के T2T जीनोम और एथेनॉल नीति के अपडेट जानेंगे। साथ ही अलग-अलग राज्यों की किसान योजनाओं, मंडी भाव, फसल उत्पादन और मॉनसून की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

Pooja Rai·09 Aug 2026
Agribulletin
एग्री बुलेटिन

MSP घोटाले से PM-Kisan तक, इस हफ्ते की 5 बड़ी कृषि खबरें Agri Bulletin में देखिए

इस हफ्ते के Agribulletin में कृषि जगत की बड़ी खबरें देखिए

Pooja Rai·02 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs