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कपास उत्पादन अनुमान बढ़ा, बाजार में सप्लाई मजबूत

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025–26 सीजन के लिए भारत का कपास उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में बेहतर पैदावार से कुल सप्लाई मजबूत हुई है। वहीं घरेलू खपत और

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Pooja Rai·Correspondent·15 Jan 2026· 3 min read

कपास उत्पादन अनुमान बढ़ा, बाजार में सप्लाई मजबूत

कपास उत्पादन अनुमान बढ़ा, बाजार में सप्लाई मजबूत

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025–26 सीजन के लिए भारत का कपास उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में बेहतर पैदावार से कुल सप्लाई मजबूत हुई है। वहीं घरेलू खपत और निर्यात में थोड़ी कमी के कारण सीजन के अंत में करीब 122.59 लाख गांठ कपास के सरप्लस का अनुमान है।

भारत के कपास बाजार को लेकर जो नई जानकारी सामने आई है, उससे साफ है कि आने वाले सीजन में कपास की उपलब्धता पहले के अनुमान से बेहतर रहने वाली है। उत्पादन और आयात दोनों बढ़ने से बाजार में कपास की कमी नहीं, बल्कि अतिरिक्त स्टॉक की स्थिति बनती नजर आ रही है।

उत्पादन अनुमान में हल्की बढ़ोतरी
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025–26 सीजन (अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026) के लिए कपास उत्पादन का नया अनुमान जारी किया है। अब देश में कुल उत्पादन करीब 317 लाख गांठ रहने का अनुमान है। यह पहले के आकलन से लगभग 7.5 लाख गांठ ज्यादा है।

महाराष्ट्र और तेलंगाना बने बढ़त की वजह
बिज़नेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्पादन अनुमान बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह महाराष्ट्र और तेलंगाना से मिली अच्छी रिपोर्ट है।महाराष्ट्र में करीब 3 लाख गांठ ज्यादा उत्पादन का अनुमान है। वहीं तेलंगाना में लगभग 4.5 लाख गांठ की बढ़ोतरी मानी गई है।इसके अलावा कर्नाटक में करीब 1 लाख गांठ और तमिलनाडु में 0.5 लाख गांठ उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।हालांकि मध्य प्रदेश और ओडिशा में कपास उत्पादन में मामूली गिरावट देखने को मिली है, लेकिन यह कमी कुल राष्ट्रीय उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं डालती।

आयात से भी सप्लाई मजबूत
उत्पादन के साथ-साथ आयात ने भी बाजार में कपास की उपलब्धता बढ़ा दी है। ड्यूटी फ्री आयात की सुविधा का फायदा उठाते हुए व्यापारियों और मिलों ने बड़ी मात्रा में कपास मंगाई। पूरे सीजन में करीब 50 लाख गांठ कपास आयात होने का अनुमान है, जिसमें से 31 लाख गांठ दिसंबर तक ही आ चुकी थी।

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घरेलू खपत में थोड़ी गिरावट
जहां सप्लाई बढ़ रही है, वहीं घरेलू खपत कुछ कमजोर दिख रही है। CAI के मुताबिक 2025–26 में कपास की घरेलू खपत 305 लाख गांठ रह सकती है, जो पिछले साल 314 लाख गांठ थी। कपड़ा उद्योग में सुस्ती और निर्यात ऑर्डर कम होने को इसकी वजह माना जा रहा है।

निर्यात अनुमान भी घटा
कपास निर्यात के मोर्चे पर भी हल्की कमजोरी है। इस सीजन के लिए निर्यात का अनुमान घटाकर 15 लाख गांठ कर दिया गया है, जबकि पिछले साल यह 18 लाख गांठ था। दिसंबर के अंत तक करीब 4.5 लाख गांठ कपास का निर्यात हो चुका है।

सीजन के अंत में बड़ा सरप्लस
इन सभी आंकड़ों को मिलाकर देखें तो 2025–26 सीजन में देश में कुल कपास आपूर्ति करीब 427.59 लाख गांठ तक पहुंच सकती है। सीजन के अंत में लगभग 122.59 लाख गांठ कपास बचने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। इसका साफ मतलब है कि आने वाले समय में कपास बाजार में उपलब्धता भरपूर रहने वाली है।

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