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एक एकड़ से 14 लाख तक कमाई, सही तकनीक और टाइमिंग ने बदली अदरक की खेती की तस्वीर

महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के किसान तुकाराम ने अदरक की खेती में सही तकनीक, टाइमिंग और योजना अपनाकर एक एकड़ से करीब 14 लाख रुपये तक की कमाई की है। रेज्ड बेड, सही दूरी पर बुवाई, बीज की बेहतर तैयारी और

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Pooja Rai· Correspondent

27 जनवरी 2026· 3 min read

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एक एकड़ से 14 लाख तक कमाई, सही तकनीक और टाइमिंग ने बदली अदरक की खेती की तस्वीर

एक एकड़ से 14 लाख तक कमाई, सही तकनीक और टाइमिंग ने बदली अदरक की खेती की तस्वीर

महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के किसान तुकाराम ने अदरक की खेती में सही तकनीक, टाइमिंग और योजना अपनाकर एक एकड़ से करीब 14 लाख रुपये तक की कमाई की है। रेज्ड बेड, सही दूरी पर बुवाई, बीज की बेहतर तैयारी और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से उन्होंने उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए।

अगर खेती सही तकनीक, सही समय और सही योजना के साथ की जाए, तो यह किसी भी बिज़नेस से कम मुनाफे वाली नहीं होती। महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के दरेगांव गांव के किसान तुकाराम ने अदरक की खेती से यही साबित कर दिखाया है। तुकाराम पिछले 12 सालों से अदरक की खेती कर रहे हैं और उनके अनुभव ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है कि आज वे एक एकड़ से करीब 14 लाख रुपये तक की कमाई कर लेते हैं। खास बात यह है कि उन्होंने 5 एकड़ में अदरक की खेती कर करीब 90 लाख रुपये की शानदार कमाई की है।

तुकाराम बताते हैं कि अदरक की खेती में सिर्फ मेहनत काफी नहीं होती, बल्कि बुवाई से लेकर कटाई और बाजार तक हर कदम पर सही फैसला लेना जरूरी होता है। उन्होंने खेती के कुछ छोटे लेकिन बेहद अहम तरीकों में बदलाव किए, जिनका सीधा असर उत्पादन और मुनाफे पर पड़ा।

हार्वेस्टिंग देर से, उत्पादन ज्यादा
तुकाराम ने अदरक की कटाई जल्दी करने के बजाय उसका समय बढ़ाया। इससे अदरक की गांठें ज्यादा बड़ी और भारी हुईं, जिससे कुल उत्पादन और कमाई दोनों बढ़ गए।

रेज्ड बेड से बीमारी पर काबू
समतल खेत की बजाय उन्होंने रेज्ड बेड पद्धति अपनाई। इससे खेत में पानी की निकासी बेहतर हुई और अदरक की फसल को लगने वाली बीमारियों का खतरा काफी कम हो गया।

ये भी पढ़ें- मिर्च की कमी ने बढ़ाए दाम, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव

बुवाई में सही दूरी बनी सफलता की कुंजी
तुकाराम ने बुवाई के समय बीज से बीज के बीच उचित दूरी रखी। इससे पौधों को भरपूर पोषण और हवा मिली, जिससे फसल मजबूत और एकसार तैयार हुई।

बीज की तैयारी पर खास ध्यान
बुवाई से पहले बीज को सीधे खेत में डालने के बजाय कुछ समय तक छप्पर में रखा गया। इससे बीज की गुणवत्ता सुधरी और अंकुरण बेहतर हुआ, जिससे फसल की शुरुआत मजबूत रही।

मशीन से धुलाई, बाजार में बेहतर दाम
हार्वेस्टिंग के बाद अदरक की सफाई के लिए एडवांस मशीन का इस्तेमाल किया गया। साफ और एकसमान अदरक मिलने से बाजार में बेहतर भाव मिला और व्यापारियों की मांग भी बढ़ी।

तुकाराम का कहना है कि अदरक की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी, सही जलवायु और समय पर की गई देखभाल सबसे ज्यादा जरूरी होती है। उनका यह मॉडल आज कई किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है। सही तकनीक और समझदारी के साथ अदरक की खेती कर किसान भी अच्छी पैदावार और शानदार मुनाफा कमा सकते हैं।

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