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इकोनॉमिक सर्वे: चार साल में 100 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है भारत का कृषि निर्यात

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार भारत अगले चार साल में कृषि निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुँचा सकता है। उत्पादन ज्यादा होने के बावजूद भारत का वैश्विक कृषि निर्यात में हिस्सा कम है। सर्वे ने कहा कि स्थिर नीतियो

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Pooja Rai·Correspondent·30 Jan 2026· 3 min read

इकोनॉमिक सर्वे: चार साल में 100 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है भारत का कृषि निर्यात

इकोनॉमिक सर्वे: चार साल में 100 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है भारत का कृषि निर्यात

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार भारत अगले चार साल में कृषि निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुँचा सकता है। उत्पादन ज्यादा होने के बावजूद भारत का वैश्विक कृषि निर्यात में हिस्सा कम है। सर्वे ने कहा कि स्थिर नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से कृषि निर्यात बढ़ेगा, किसानों को फायदा होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, भारत अगले चार सालों में कृषि, समुद्री उत्पाद, खाद्य और पेय पदार्थों के निर्यात को मिलाकर 100 अरब डॉलर तक पहुँचा सकता है। फिलहाल वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 51.1 अरब डॉलर रहा है।

भारत दूसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देश
भारत उत्पादन के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पादक देश है, लेकिन निर्यात में उसकी हिस्सेदारी अभी भी कम है। WTO के आंकड़ों के अनुसार, साल 2000 में वैश्विक कृषि निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 1.1% थी, जो 2024 में बढ़कर सिर्फ 2.2% हुई है। यानी उत्पादन बहुत है, लेकिन निर्यात की पूरी क्षमता का अभी इस्तेमाल नहीं हो पा रहा।

कृषि निर्यात पर किन चीजों का असर पड़ता
सर्वे का कहना है कि अगर भारत घरेलू जरूरतों और निर्यात के बीच सही संतुलन बनाए, तो कृषि क्षेत्र देश की निर्यात आधारित आर्थिक वृद्धि में बड़ी भूमिका निभा सकता है। निर्यात से किसानों को नई जानकारी मिलती है, बाजार की समझ बढ़ती है और वे ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनते हैं।
हालांकि कृषि निर्यात पर कई चीजों का असर पड़ता है, जैसे—खाद्य सुरक्षा, प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नियम। कई बार घरेलू महंगाई या कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अचानक निर्यात पर रोक या न्यूनतम निर्यात मूल्य लगा देती है। सर्वे ने चेतावनी दी है कि बार-बार नीति बदलने से विदेशी खरीदार दूसरे देशों की ओर चले जाते हैं, और एक बार बाजार हाथ से निकल जाए तो उसे वापस पाना आसान नहीं होता।

ये भी पढ़ें - आर्थिक सर्वे का संकेत: कृषि ही ‘विकसित भारत’ की रीढ़

निर्यात बढ़ाने की जरूरत
सर्वे यह भी कहता है कि जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी, आयात भी बढ़ेगा। इसलिए आयात का खर्च निकालने के लिए निर्यात बढ़ाना जरूरी है। इस लिहाज से कृषि निर्यात सबसे आसान और बड़ी संभावना वाला क्षेत्र है और इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती मिलती है।

कृषि निर्यात 8.2% की दर से बढ़ा
आंकड़ों के अनुसार, FY20 से FY25 के बीच भारत का कुल वस्तु निर्यात सालाना औसतन 6.9% बढ़ा, जबकि कृषि निर्यात 8.2% की दर से बढ़कर 34.5 अरब डॉलर से 51.1 अरब डॉलर हो गया। फिर भी FY23 से FY25 के बीच कृषि निर्यात लगभग स्थिर रहा, जबकि इसी दौरान दुनिया में कृषि उत्पादों का कुल निर्यात बढ़ता रहा।
मतलब ये कि भारत के पास कृषि निर्यात बढ़ाने की बड़ी संभावना है, लेकिन इसके लिए स्थिर नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी अवधि की सोच की जरूरत है।

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