ग्रामीण इलाकों में रोजगार की जरूरत एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar & Ajeevika Mission (Gramin) यानी VB-G RAM G योजना के तहत अगस्त में जुलाई के मुकाबले ज्यादा लोगों ने काम की मांग की। जुलाई में जहां करीब 12.5 लाख लोगों ने रोजगार मांगा था, वहीं अगस्त में यह संख्या बढ़कर 15.4 लाख हो गई।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में परिवारों की ओर से मांगे गए काम के दिनों की संख्या भी जुलाई के मुकाबले 23.8 फीसदी बढ़कर 1.25 करोड़ हो गई। जुलाई में यह करीब 1.01 करोड़ थी।
आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों ने मांगा काम
राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा करीब 30 लाख लोगों ने इस योजना के तहत काम मांगा। इसके बाद तमिलनाडु में 20 लाख, राजस्थान और कर्नाटक में 13-13 लाख और उत्तर प्रदेश में करीब 10 लाख लोगों ने रोजगार की मांग की।
MGNREGA की जगह आई नई योजना
VB-G RAM G Act, 2025 जुलाई 2026 से लागू हुआ है। इसने पुरानी मनरेगा (MGNREGA) की जगह ली है। नई योजना का मकसद गांवों में रोजगार देने के साथ-साथ बेहतर सार्वजनिक संपत्तियां तैयार करना और रोजगार योजना के कामकाज में तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करना है।
अब 125 दिन का रोजगार
नई योजना में ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन तक रोजगार की गारंटी दी गई है। इसके तहत न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय की गई है।
अगस्त में रोजगार की बढ़ी मांग से संकेत मिलता है कि ग्रामीण इलाकों में काम की जरूरत अभी भी काफी ज्यादा है और नई रोजगार गारंटी योजना के तहत बड़ी संख्या में लोग काम की मांग कर रहे हैं।





