इस खरीफ सीजन में उड़द (काली दाल) की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई तक देशभर में 18.67 लाख हेक्टेयर में उड़द की बुवाई हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में यह रकबा 17.27 लाख हेक्टेयर था। यानी इस बार उड़द की बुवाई में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अच्छी बारिश से बढ़ी बुवाई
पिछले कुछ दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश होने के बाद किसानों ने उड़द की बुवाई तेज कर दी है। खासकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बुवाई का रकबा बढ़ा है। एक सप्ताह पहले तक देश में 13.51 लाख हेक्टेयर में उड़द की बुवाई हुई थी, जबकि अब यह बढ़कर 18.67 लाख हेक्टेयर हो गई है। यानी सिर्फ एक सप्ताह में 5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अतिरिक्त बुवाई हुई है।
अच्छे दाम भी बने वजह
इंडिया पल्सेज एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (IPGA) के मानद सचिव सतीश उपाध्याय के अनुसार, हाल की बारिश के बाद किसानों ने तेजी से उड़द की बुवाई की है। इसके साथ ही बाजार में उड़द के अच्छे दाम मिलने से भी किसानों का रुझान इस फसल की ओर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि उड़द के बीजों की मांग भी बढ़ी है और गुजरात व राजस्थान के कुछ इलाकों में किसान दोबारा बुवाई भी कर सकते हैं।
उत्पादन पर रहेगी मौसम की नजर
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि उड़द का अंतिम उत्पादन अब सितंबर और अक्टूबर में होने वाली बारिश पर निर्भर करेगा। यदि इन महीनों में मौसम अनुकूल रहा, तो इस साल उड़द का उत्पादन भी बेहतर रहने की उम्मीद है।





