उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार की पहली प्राथमिकता किसान हैं। सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक हर सुविधा समय पर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री जरूर कराएं, ताकि जरूरत के मुताबिक आसानी से उर्वरक मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए किसान अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करें।
प्रदेश में यूरिया, डीएपी और एनपीके का पर्याप्त स्टॉक
कृषि मंत्री ने बताया कि 28 जुलाई 2026 तक प्रदेश में सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
- यूरिया: 14.77 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी: 4.81 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके: 4.90 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी: 3.46 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी: 1.11 लाख मीट्रिक टन
सरकार के अनुसार, सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर भी किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।
इस साल खाद की उपलब्धता और वितरण बढ़ा
1 अप्रैल से 27 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण इस प्रकार रहा—
- यूरिया: 31.55 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, 22.18 लाख मीट्रिक टन वितरण (2025 में 20.47 लाख मीट्रिक टन)
- डीएपी: 7.11 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, 4.37 लाख मीट्रिक टन वितरण (2025 में 3.96 लाख मीट्रिक टन)
- एनपीके: 6.33 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, 1.90 लाख मीट्रिक टन वितरण (2025 में 1.43 लाख मीट्रिक टन)
- एसएसपी: 4.72 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, 2.13 लाख मीट्रिक टन वितरण (2025 में 2.15 लाख मीट्रिक टन)
- एमओपी: 1.35 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, 0.24 लाख मीट्रिक टन वितरण
रोजाना हजारों टन खाद खरीद रहे किसान
प्रदेश में किसान हर दिन औसतन—
- 32,780 मीट्रिक टन यूरिया
- 6,715 मीट्रिक टन डीएपी
- 1,967 मीट्रिक टन एनपीके
की खरीद और उपयोग कर रहे हैं।
18 मंडलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध, कानपुर और लखनऊ सबसे आगे
सरकार के अनुसार, प्रदेश के सभी 18 मंडलों में सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर यूरिया, डीएपी और एनपीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सबसे अधिक उपलब्धता कानपुर, लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और वाराणसी मंडलों में दर्ज की गई है।
सरकार का कहना है कि प्रदेश के सभी मंडलों में किसानों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। इसलिए किसानों को खाद की कमी को लेकर घबराने या जरूरत से ज्यादा खरीदकर भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है।

कालाबाजारी पर सरकार का सख्त एक्शन
सरकार ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवररेटिंग और टैगिंग रोकने के लिए 1 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक बड़े स्तर पर कार्रवाई की है।
- 7,462 छापेमारी
- 1,045 खाद के नमूने लिए गए
- 102 नमूनों की जांच हुई, जिनमें 25 अमानक पाए गए
- 556 लाइसेंस निलंबित
- 53 लाइसेंस निरस्त
- 705 कारण बताओ नोटिस जारी
- 15 दुकानों की बिक्री पर रोक
- 23 दुकानें सील
- 34 एफआईआर दर्ज
- 229.7 मीट्रिक टन खाद जब्त
किसानों से सरकार की अपील
कृषि मंत्री ने किसानों से कहा है कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए किसान जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें। साथ ही सभी किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री जल्द से जल्द पूरी कर लें, ताकि खरीफ सीजन में उन्हें समय पर और आसानी से उर्वरक मिल सके।





