शकरकंद को आमतौर पर सब्जी या उबालकर खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अब इससे ऐसा आटा भी तैयार किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के खाद्य पदार्थ बनाने में किया जा सकता है। केरल स्थित ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (ICAR-Central Tuber Crops Research Institute) ने शकरकंद के दो तरह के पोषक तत्वों से भरपूर आटे को प्रदर्शित किया है। इनमें एक एंथोसायनिन (Anthocyanin) से भरपूर गुलाबी-बैंगनी रंग का आटा है, जबकि दूसरा बीटा-कैरोटीन (Beta-carotene) से भरपूर नारंगी रंग का आटा है।
इस आटे की खासियत इसका प्राकृतिक रंग और इसमें मौजूद पोषक तत्व हैं। संस्थान के मुताबिक, इन दोनों तरह के आटे का इस्तेमाल बेकरी उत्पादों, कन्फेक्शनरी, वेनिंग फूड्स, लैटे, आइसक्रीम और स्मूदी जैसे खाद्य पदार्थों में किया जा सकता है। इसका मकसद खाने की चीजों में प्राकृतिक रंग और पोषण बढ़ाने के लिए शकरकंद का उपयोग करना है।
दो तरह का शकरकंद आटा
1. एंथोसायनिन से भरपूर आटा

यह गुलाबी-बैंगनी रंग का आटा है। इसमें एंथोसायनिन की मात्रा 1.23 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम (सूखे वजन के आधार पर) है। कुल फेनोलिक तत्व 11.45 mg GAE/100 ग्राम हैं।
2. बीटा-कैरोटीन से भरपूर आटा

यह नारंगी रंग का आटा है। इसमें बीटा-कैरोटीन 25.26 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम (सूखे वजन के आधार पर) और कुल फेनोलिक तत्व 7.24 mg GAE/100 ग्राम बताए गए हैं।
शकरकंद के आटे की दूसरी खासियतें
ICAR-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान के मुताबिक यह आटा ग्लूटेन-फ्री है और इसे पचाना आसान बताया गया है। इसमें डाइटरी फाइबर और बायोएक्टिव कंपाउंड्स भी मौजूद हैं। इसके अलावा, दोनों तरह के आटे में एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि भी दर्ज की गई है।
एंथोसायनिन से भरपूर आटे की DPPH/ABTS एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि क्रमशः 0.35 और 0.57 mM Trolox प्रति ग्राम सूखे वजन के बराबर है। वहीं, बीटा-कैरोटीन से भरपूर आटे के लिए ये आंकड़े क्रमशः 0.39 और 0.42 mM Trolox प्रति ग्राम सूखे वजन हैं।
किन चीजों को बनाने में होगा इस्तेमाल?
शकरकंद के इस आटे का इस्तेमाल कई तरह के खाद्य उत्पादों में किया जा सकता है। इसमें बेकरी आइटम, मिठाइयां और कन्फेक्शनरी उत्पाद, लैटे, आइसक्रीम और स्मूदी शामिल हैं। इसके प्राकृतिक रंगों के कारण खाद्य पदार्थों को रंग देने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है।





