News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. खेती किसानी
  3. 1 अगस्त से चीनी कारोबार के नए नियम, 400 टन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे डीलर
खेती किसानी

1 अगस्त से चीनी कारोबार के नए नियम, 400 टन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे डीलर

केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चीनी डीलरों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब कोई भी डीलर 400 टन (4,000 क्विंटल) से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा और खरीदी गई चीनी को 30 दिनों के भीतर बेचना होगा।

Pooja Rai

Pooja Rai·29 Jul 2026

केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चीनी डीलरों के लिए नए नियम लागू किए हैं

केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चीनी डीलरों के लिए नए नियम लागू किए हैं

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नए नियम लागू करने का फैसला किया है। 1 अगस्त 2026 से कोई भी चीनी डीलर 400 टन (4,000 क्विंटल) से अधिक चीनी का स्टॉक अपने गोदाम में नहीं रख सकेगा। इसके साथ ही, डीलरों को खरीदी गई चीनी 30 दिनों के भीतर बेचनी होगी। सरकार का कहना है कि इससे बाजार में कृत्रिम कमी नहीं बनेगी और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी मिल सकेगी।

1 अगस्त से पूरे देश में लागू होंगे नए नियम

खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने 28 जुलाई 2026 को अधिसूचना जारी कर बताया कि यह आदेश 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक पूरे देश में लागू रहेगा। जिन डीलरों के पास तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक है, उन्हें 1 अगस्त तक अतिरिक्त स्टॉक का निपटान करना होगा।

30 दिन से ज्यादा नहीं रख सकेंगे स्टॉक

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी डीलर चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक उसे अपने गोदाम में नहीं रख सकेगा। यानी जो चीनी खरीदी जाएगी, उसे एक महीने के भीतर बाजार में बेचना अनिवार्य होगा।
अब सभी चीनी डीलरों को सरकारी पोर्टल पर हर सप्ताह अपने स्टॉक की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, यदि कोई राज्य सरकार चाहे तो वह अपने राज्य में 400 टन से कम स्टॉक सीमा भी तय कर सकती है।

जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का कदम

सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ व्यापारियों और बिचौलियों द्वारा जमाखोरी और सट्टेबाजी के कारण बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा हुई, जिससे खुदरा और थोक कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी हुई। जबकि देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है।

चीनी मिलों की भी होगी जांच

खाद्य मंत्रालय ने बताया कि 1 से 14 अगस्त के बीच देशभर की चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई मिल घोषित मात्रा से अधिक चीनी बेचती या स्टॉक छिपाकर रखती पाई गई, तो उसके घरेलू बिक्री कोटा पर रोक लगाई जा सकती है।

हालांकि, यह आदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन दुकानों के लिए रखी गई चीनी और सरकारी भंडार पर लागू नहीं होगा।

पहले ही निर्यात पर लग चुकी है रोक

सरकार ने मई 2026 में घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी थी। इससे पहले फरवरी 2026 में 2025-26 सीजन के लिए करीब 16 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी गई थी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई 2026 तक देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत ₹47.90 प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जो एक महीने पहले ₹47.01 प्रति किलोग्राम थी। वहीं, थोक बाजार में चीनी का भाव बढ़कर ₹4,447.57 प्रति क्विंटल हो गया। सरकार का मानना है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी वास्तविक मांग और आपूर्ति के बजाय जमाखोरी और सट्टेबाजी की वजह से हुई है।

News Potli.
Clip & Share
“

— 1 अगस्त से चीनी कारोबार के नए नियम, 400 टन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे डीलर

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Sugar Stock NewsPotli
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर
खेती किसानी

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर

यूपी के हर कोल्ड स्टोरेज में न्यूनतम 1000 पौधों का रोपण कराना अनिवार्य, हर पौधे की होगी जिओ टैगिंग

Arvind Shukla·
खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage
खेती किसानी

खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage

जलभराव से हर साल किसानों की लाखों रुपए की फ़सल बर्बाद हो जाती है। अगर किसान अपने खेतों में perforated drainage system लगवा दें तो न सिर्फ फसलों को जलभराव से बचाया जा सकता है बल्कि जमीन जमा नुकसान करने वाले साल्ट को भी बाहर निकाला जा सकता है. देखिए कैसे काम करता है ये सिस्टम।

Arvind Shukla·
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस
खेती किसानी

किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, खांडसारी और गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने इसके कई प्रावधानों का विरोध किया था।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs