स्ट्रॉबेरी की खेती को आमतौर पर अधिक निवेश और अच्छी देखभाल वाली फसल माना जाता है। इसलिए कई किसान इसकी खेती करने से हिचकते हैं। लेकिन सही तकनीक, बेहतर प्रबंधन और स्मार्ट मार्केटिंग अपनाकर इसे कमाई का अच्छा जरिया बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के एक किसान ने यही करके दिखाया है और आज वे दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
फैशन डिजाइनिंग छोड़ खेती को बनाया करियर
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के खैराबाद के रहने वाले मोहम्मद फहद फारूकी ने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी करने की बजाय अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती करने का फैसला किया। उनका मकसद खेती को मुनाफे का कारोबार बनाना और मिट्टी की सेहत को बचाए रखना था।

सिर्फ स्ट्रॉबेरी ही नहीं, दूसरी फसलों पर भी किए प्रयोग
फहद सिर्फ स्ट्रॉबेरी की खेती तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने आम, मटर और आलू जैसी फसलों में भी नए प्रयोग किए हैं। खास तौर पर आम की खेती में उन्होंने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और सही ग्राहकों तक पहुंच बनाने पर काम किया। इसी रणनीति की बदौलत वे अपने आम 2,500 रुपये प्रति किलो तक बेच चुके हैं। उनका मानना है कि किसान अगर अपनी उपज की पहचान बना लें, तो बेहतर दाम मिलना मुश्किल नहीं है।

विदेशी किस्मों की स्ट्रॉबेरी से बढ़ाई कमाई
फहद पिछले 5 साल से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं और पिछले 2 साल से इसकी व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उनके खेत में Sweet Sensation, Florida Beauty, Medallion, Florida Brilliance, Parthenope, Ardia, Nabila, Winter Dawn और Hatsukoi No Kaori जैसी कई विदेशी किस्मों की स्ट्रॉबेरी उगाई जाती है। इसके अलावा वे दुर्लभ सफेद स्ट्रॉबेरी की भी खेती करते हैं, जो अपने हल्के क्रीम रंग, गुलाबी बीज और खास खुशबू के लिए जानी जाती है।

आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती पर भरोसा
बेहतर उत्पादन के लिए फहाद ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च, स्प्रिंकलर और लो-टनल तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। लो-टनल तकनीक से फसल को पाला, ओस और अचानक होने वाली बारिश से बचाने में मदद मिलती है। वे टनल के अंदर तापमान और नमी पर भी नजर रखते हैं, ताकि फफूंद जैसी बीमारियों का खतरा कम हो।
खेती की लागत कम रखने के लिए वे मुख्य रूप से गुड़ से बने घोल, खेत में तैयार जैविक घोल, सड़ी हुई गोबर की खाद और कम पानी का उपयोग करते हैं। उनका लक्ष्य कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल तैयार करना है।

सफलता का राज है स्मार्ट मार्केटिंग
फहद का मानना है कि खेती में सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि फसल को सही ग्राहक तक सही तरीके से पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए वे सस्ते दाम पर ज्यादा बेचने की बजाय गुणवत्ता को महत्व देने वाले ग्राहकों पर ध्यान देते हैं। वे अपने उत्पाद की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सही बाजार चुनने पर खास फोकस करते हैं।
उनका कहना है कि अगर किसान आधुनिक खेती के साथ मार्केटिंग की समझ भी विकसित करें, तो वे बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना अपनी फसल का बेहतर दाम और ज्यादा मुनाफा हासिल कर सकते हैं।
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