News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. खेती किसानी
  3. बेहतर तकनीक और स्मार्ट मार्केटिंग...इस युवा क‍िसान ने ऐसे बनाया Strawberry को मुनाफे का सौदा
खेती किसानी

बेहतर तकनीक और स्मार्ट मार्केटिंग...इस युवा क‍िसान ने ऐसे बनाया Strawberry को मुनाफे का सौदा

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के किसान मोहम्मद फहद फारूकी आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और स्मार्ट मार्केटिंग के दम पर स्ट्रॉबेरी की व्यावसायिक खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं। वे विदेशी किस्मों की स्ट्रॉबेरी के साथ आम, मटर और आलू जैसी फसलों पर भी प्रयोग कर चुके हैं।

Pooja Rai

Pooja Rai·01 Aug 2026

स्ट्रॉबेरी की खेती

स्ट्रॉबेरी की खेती

स्ट्रॉबेरी की खेती को आमतौर पर अधिक निवेश और अच्छी देखभाल वाली फसल माना जाता है। इसलिए कई किसान इसकी खेती करने से हिचकते हैं। लेकिन सही तकनीक, बेहतर प्रबंधन और स्मार्ट मार्केटिंग अपनाकर इसे कमाई का अच्छा जरिया बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के एक किसान ने यही करके दिखाया है और आज वे दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

फैशन डिजाइनिंग छोड़ खेती को बनाया करियर

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के खैराबाद के रहने वाले मोहम्मद फहद फारूकी ने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी करने की बजाय अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती करने का फैसला किया। उनका मकसद खेती को मुनाफे का कारोबार बनाना और मिट्टी की सेहत को बचाए रखना था।

सिर्फ स्ट्रॉबेरी ही नहीं, दूसरी फसलों पर भी किए प्रयोग

फहद सिर्फ स्ट्रॉबेरी की खेती तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने आम, मटर और आलू जैसी फसलों में भी नए प्रयोग किए हैं। खास तौर पर आम की खेती में उन्होंने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और सही ग्राहकों तक पहुंच बनाने पर काम किया। इसी रणनीति की बदौलत वे अपने आम 2,500 रुपये प्रति किलो तक बेच चुके हैं। उनका मानना है कि किसान अगर अपनी उपज की पहचान बना लें, तो बेहतर दाम मिलना मुश्किल नहीं है।

विदेशी किस्मों की स्ट्रॉबेरी से बढ़ाई कमाई

फहद पिछले 5 साल से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं और पिछले 2 साल से इसकी व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। उनके खेत में Sweet Sensation, Florida Beauty, Medallion, Florida Brilliance, Parthenope, Ardia, Nabila, Winter Dawn और Hatsukoi No Kaori जैसी कई विदेशी किस्मों की स्ट्रॉबेरी उगाई जाती है। इसके अलावा वे दुर्लभ सफेद स्ट्रॉबेरी की भी खेती करते हैं, जो अपने हल्के क्रीम रंग, गुलाबी बीज और खास खुशबू के लिए जानी जाती है।

आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती पर भरोसा

बेहतर उत्पादन के लिए फहाद ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च, स्प्रिंकलर और लो-टनल तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। लो-टनल तकनीक से फसल को पाला, ओस और अचानक होने वाली बारिश से बचाने में मदद मिलती है। वे टनल के अंदर तापमान और नमी पर भी नजर रखते हैं, ताकि फफूंद जैसी बीमारियों का खतरा कम हो।

खेती की लागत कम रखने के लिए वे मुख्य रूप से गुड़ से बने घोल, खेत में तैयार जैविक घोल, सड़ी हुई गोबर की खाद और कम पानी का उपयोग करते हैं। उनका लक्ष्य कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल तैयार करना है।

सफलता का राज है स्मार्ट मार्केटिंग

फहद का मानना है कि खेती में सिर्फ उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि फसल को सही ग्राहक तक सही तरीके से पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए वे सस्ते दाम पर ज्यादा बेचने की बजाय गुणवत्ता को महत्व देने वाले ग्राहकों पर ध्यान देते हैं। वे अपने उत्पाद की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सही बाजार चुनने पर खास फोकस करते हैं।

उनका कहना है कि अगर किसान आधुनिक खेती के साथ मार्केटिंग की समझ भी विकसित करें, तो वे बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना अपनी फसल का बेहतर दाम और ज्यादा मुनाफा हासिल कर सकते हैं।

देखिए वीडियो-

News Potli.
Clip & Share
“

— बेहतर तकनीक और स्मार्ट मार्केटिंग...इस युवा क‍िसान ने ऐसे बनाया Strawberry को मुनाफे का सौदा

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Uttar Pradesh StrawberryMulchingDrip IrrigationLow Tunnel FarmingNewsPotlifarmers
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर
खेती किसानी

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर

यूपी के हर कोल्ड स्टोरेज में न्यूनतम 1000 पौधों का रोपण कराना अनिवार्य, हर पौधे की होगी जिओ टैगिंग

Arvind Shukla·
खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage
खेती किसानी

खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage

जलभराव से हर साल किसानों की लाखों रुपए की फ़सल बर्बाद हो जाती है। अगर किसान अपने खेतों में perforated drainage system लगवा दें तो न सिर्फ फसलों को जलभराव से बचाया जा सकता है बल्कि जमीन जमा नुकसान करने वाले साल्ट को भी बाहर निकाला जा सकता है. देखिए कैसे काम करता है ये सिस्टम।

Arvind Shukla·
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस
खेती किसानी

किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, खांडसारी और गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने इसके कई प्रावधानों का विरोध किया था।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs