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Seafood Exports में फिर आएगी रफ्तार, US ने शुल्क घटाकर 18% किया

अमेरिका ने भारतीय समुद्री उत्पादों पर आयात शुल्क 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारत के सी-फूड निर्यात में फिर से तेज़ी आने की उम्मीद है। ऊंचे शुल्क के कारण हाल के महीनों में अमेरिका को मछली निर्य

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Pooja Rai·Correspondent·03 Feb 2026· 2 min read

Seafood Exports में फिर आएगी रफ्तार, US ने शुल्क घटाकर 18% किया

Seafood Exports में फिर आएगी रफ्तार, US ने शुल्क घटाकर 18% किया

अमेरिका ने भारतीय समुद्री उत्पादों पर आयात शुल्क 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारत के सी-फूड निर्यात में फिर से तेज़ी आने की उम्मीद है। ऊंचे शुल्क के कारण हाल के महीनों में अमेरिका को मछली निर्यात में गिरावट आई थी, लेकिन अब नए ऑर्डर मिलने और निर्यात पुराने स्तर पर लौटने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिका द्वारा भारतीय समुद्री उत्पादों पर लगाया गया शुल्क घटाए जाने के बाद भारत के सी-फूड निर्यात में फिर से तेज़ी आने की उम्मीद जताई जा रही है। सी-फूड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEAI) के अनुसार, अमेरिका ने आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है।

15 प्रतिशत घटा मछली निर्यात
एक रिपोर्ट के मुताबिक एसोसिएशन के महासचिव के. एन. राघवन ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के अप्रैल से नवंबर के बीच अमेरिका को भारत से मछली निर्यात मात्रा के लिहाज़ से 15 प्रतिशत घटकर 2,01,501 टन रह गया, जबकि निर्यात मूल्य 6.3 प्रतिशत गिरकर 1.72 अरब डॉलर रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह 1.84 अरब डॉलर था।उन्होंने कहा कि शुल्क घटने के बाद अब प्रतिस्पर्धा का माहौल फिर बराबरी पर आ गया है और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। राघवन के मुताबिक, 18 प्रतिशत शुल्क लागू होने से निर्यात दोबारा पुराने स्तर पर लौटने की उम्मीद है।

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समुद्री उत्पादों का एक बड़ा बाज़ार है अमेरिका
दरअसल, अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा दिया था, जिसमें भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने से जुड़ा 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। इसके बाद नए निर्यात ऑर्डर लगभग रुक गए थे। निर्यातक केवल पुराने समझौतों के तहत ही माल भेज रहे थे और कई खेपें अमेरिका में बॉन्डेड वेयरहाउस में रखी गई थीं।
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की, जिसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम हुआ है।अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ के बाद भारत के लिए समुद्री उत्पादों का एक बड़ा बाज़ार है। भारत के कुल सी-फूड निर्यात में जमे हुए मछली उत्पादों की हिस्सेदारी करीब 83 प्रतिशत है।

SEAI ने इस फैसले को बेहद सकारात्मक बताया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में भारतीय समुद्री उत्पादों के निर्यात में लगातार सुधार देखने को मिलेगा।

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