जयपुर। लंबे सूखे के बाद राजस्थान में मॉनसून की दोबारा सक्रियता से किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई तेज कर दी है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 29 जुलाई तक ज्यादातर खरीफ फसलों की बुवाई 80% से ज्यादा लक्ष्य तक पहुंच गई है। हालांकि, ग्वार और मोठ की बुवाई अभी पीछे चल रही है।
करीब 25 दिन के सूखे के बाद बारिश लौटने से पश्चिमी राजस्थान के उन इलाकों में भी बुवाई शुरू हुई है, जहां बारिश की कमी के कारण काम अटक गया था। कृषि विभाग का अनुमान है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो ज्यादातर फसलों का बुवाई लक्ष्य पूरा हो सकता है।
मूंगफली की बुवाई 93% तक पहुंची
तिलहन फसलों में मूंगफली सबसे आगे है। अब तक करीब 10.70 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की बुवाई हो चुकी है, जो इसके 11.50 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का 93% है। वहीं सोयाबीन की बुवाई 9.17 लाख हेक्टेयर यानी 83% लक्ष्य तक पहुंच गई है।
बाजरा, ज्वार और मक्का भी आगे
मोटे अनाज में बाजरा की बुवाई 35.44 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो 40.50 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का 88% है। ज्वार की बुवाई 5.91 लाख हेक्टेयर यानी 99%, जबकि मक्का 9.51 लाख हेक्टेयर यानी 98% लक्ष्य तक पहुंच चुका है।
मूंग की बुवाई 80% हुई
दलहन में मूंग की बुवाई 21.10 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो 26.50 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का 80% है। उड़द और चौला की बुवाई भी 80% से ज्यादा क्षेत्र में हो चुकी है। हालांकि मोठ की बुवाई 6.86 लाख हेक्टेयर यानी 69% तक ही पहुंची है।
ग्वार की बुवाई सबसे पीछे
राजस्थान की प्रमुख खरीफ फसल ग्वार की बुवाई अभी सबसे पीछे है। 25.50 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 15.17 लाख हेक्टेयर, यानी करीब 60% क्षेत्र में ही बुवाई हुई है।
पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, नागौर, चूरू और बीकानेर जैसे जिलों में बारिश देर से पहुंचने के कारण ग्वार की बुवाई प्रभावित हुई। अब बारिश होने के बाद इन इलाकों में बुवाई तेज होने की उम्मीद है।
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