नई दिल्ली। देश में हर सीजन खाद की कमी, लंबी कतारों और वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नया डिजिटल सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत अब किसान मोबाइल ऐप से पहले ही खाद की बुकिंग कर सकेंगे और उन्हें QR कोड आधारित टोकन मिलेगा। फिलहाल इस व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट 23 राज्यों के 56 जिलों में शुरू किया गया है।
यह जानकारी रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। उन्होंने बताया कि 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' (Framework for Fertilizer Sale) नाम का यह प्लेटफॉर्म उर्वरक मंत्रालय और कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों की सहमति से मिलकर तैयार किया है। इसका उद्देश्य खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित, किसान-केंद्रित और जरूरत के अनुसार बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत किसान या उनका अधिकृत प्रतिनिधि मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण करेगा। इसके बाद किसान अपनी जमीन और बोई गई फसल की जानकारी दर्ज कर खाद की प्री-बुकिंग कर सकेगा। बुकिंग पूरी होने पर उसे QR कोड वाला टोकन मिलेगा।
जब किसान खाद लेने के लिए उर्वरक विक्रेता के पास पहुंचेगा, तो विक्रेता पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीन से QR कोड स्कैन करेगा। इसके बाद मौजूदा व्यवस्था के अनुसार आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन होने पर किसान को खाद उपलब्ध करा दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से खाद की मांग का पहले से अनुमान लगाया जा सकेगा, वितरण व्यवस्था बेहतर होगी और जरूरतमंद किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, जमीन और फसल के रिकॉर्ड के आधार पर खाद वितरण होने से व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
इसके अलावा, सरकार इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (iFMS) के जरिए देशभर में उर्वरकों की ढुलाई, आवंटन, स्टॉक और राज्यों में आपूर्ति की रियल-टाइम निगरानी भी कर रही है। इससे खाद की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत वाले क्षेत्रों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
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