खेती में बदलाव लाने के लिए जरूरी नहीं कि कोई खुद बड़े पैमाने पर खेती करे। किसानों को एकजुट करना, उनकी उपज के लिए बाजार तैयार करना और महिलाओं को खेती से जुड़े कारोबार में आगे बढ़ाना भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है। महाराष्ट्र की प्रियंका महेश शेल्के इसी दिशा में काम कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें साल 2026 की ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ पहल के तहत सम्मानित किया है।
12 साल से किसानों और महिलाओं के लिए कर रही हैं काम
FAO के मुताबिक, प्रियंका ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा का अनुभव रखती हैं। वह Krushijeevan Agro Farmer Producer Company और Junnar Women Farmer Producer Company की संस्थापक हैं। इन संस्थाओं के जरिए वह किसानों को संगठित करने, खेती से जुड़े कारोबार को मजबूत बनाने और उनकी उपज के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही हैं।
5,000 से ज्यादा महिलाओं को मिला फायदा
प्रियंका की पहल से हजारों किसानों को फायदा पहुंचा है। FAO के अनुसार, उनके काम से दसियों हजार किसानों को सहयोग मिला है और 5,000 से ज्यादा महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिली है। उनका प्रयास है कि किसान सिर्फ फसल उगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उसकी प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और बिक्री से भी बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
खेती से बाजार तक किसानों की मदद
प्रियंका टिकाऊ खेती, कृषि मशीनीकरण और फसल से नए उत्पाद तैयार करने जैसे तरीकों को बढ़ावा देती हैं। वह किसानों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने वाले मॉडल पर भी काम कर रही हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के बेहतर अवसर मिल सकें। इन प्रयासों से गांवों में रोजगार के मौके बनाने और किसानों की आजीविका बेहतर करने में मदद मिल रही है।
FAO की इस पहल में 131 सदस्य देशों से कुल 609 नामांकन आए थे। प्रियंका महेश शेल्के और मिजोरम की महिला किसान जेडटी लालरिथांगी को भारत से इस सम्मान के लिए चुना गया। दोनों को 15 अक्टूबर 2026 को रोम में FAO के मुख्यालय में सम्मानित किया गया।





