आलू के लगातार कम दाम और खेती की बढ़ती लागत से परेशान किसानों ने कन्नौज में जोरदार प्रदर्शन किया। किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में 18 सितंबर को कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में आलू किसान जुटे। किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याएं उठाईं और सरकार से ऐसी आलू नीति बनाने की मांग की, जिससे हर साल किसानों को कम दाम की वजह से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
धरना प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्रीय मांगपत्र जिला अधिकारी के प्रतिनिधि मजिस्ट्रेट को सौंपा। किसानों ने कहा कि आलू की खेती में लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों के लिए खेती करना मुश्किल होता जा रहा है।
'बोतल 20 रुपये की, भूसा 13 रुपये किलो, फिर आलू 2 रुपये क्यों'
प्रदर्शन के दौरान किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि बाजार में पानी की बोतल 20 रुपये में बिक रही है, भूसा करीब 13 रुपये किलो बिक रहा है और खाद की एक बोरी करीब 2400 रुपये की मिल रही है। इसके बावजूद किसानों का आलू 2 रुपये किलो तक बिक रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित भाव नहीं मिलना सरकार की नीतियों से जुड़ा मुद्दा है।
अजय अनमोल ने कहा कि देश में फसल के भाव गिरने की स्थिति में किसानों को बचाने के लिए ठोस कानून की जरूरत है। उन्होंने सरकार से आलू किसानों के लिए अलग से नीति बनाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की।
'आलू आंदोलन तब तक जारी रहेगा'
अजय अनमोल ने कहा कि आलू आंदोलन किसानों के हक की आवाज है और जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से किसानों की आय बढ़ाने के वादे को पूरा करने और आलू किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 25 सितंबर को कानपुर मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके जरिए आलू किसानों की मांगों को फिर से सरकार के सामने रखा जाएगा।





