गन्ने की खेती में बेहतर उत्पादन के लिए किसान लगातार नई तकनीक और खेती के बेहतर तरीके अपना रहे हैं। पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र के बराही गांव के किसान सुखदीप सिंह रंधावा ने भी अपनी मेहनत और बेहतर खेती के दम पर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है। राज्य गन्ना प्रतियोगिता 2025-26 में उन्होंने 2,222.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने की पैदावार लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
गन्ना विकास विभाग की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में इस बार प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सात वर्गों में कुल 1,078 आवेदन मिले थे। खेतों में फसल की कटाई और उपज के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
2,222 क्विंटल से ज्यादा गन्ने की उपज
सुखदीप सिंह ने 2,222.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, यानी करीब 222 टन प्रति हेक्टेयर गन्ने की उपज हासिल की। इस श्रेणी में हरदोई के अमर सिंह 2,430 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज के साथ पहले स्थान पर रहे। वहीं, शाहजहांपुर के कौशल कुमार 2,167.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
खेती के बेहतर मैनेजमेंट पर जोर
सुखदीप सिंह खेती में सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि बेहतर मैनेजमेंट और तकनीक को भी काफी महत्व देते हैं। करीब 150 एकड़ में खेती करने वाले सुखदीप गन्ने के साथ मल्टी-क्रॉपिंग करते हैं। वह मिट्टी की जांच, फसल में बीमारी की रोकथाम, मजदूरी का हिसाब और खेती के काम के लिए सही मशीनों के इस्तेमाल पर खास ध्यान देते हैं।
उनका मानना है कि बदलते मौसम और खेती की बढ़ती लागत के बीच किसान अगर अपनी मिट्टी, फसल और लागत का सही मैनेजमेंट करे तो खेती से बेहतर कमाई की जा सकती है। वह किसानों के लिए लगातार सीखने और नई तकनीक अपनाने को भी जरूरी मानते हैं।
दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल
सुखदीप सिंह की इस उपलब्धि से जिले के दूसरे गन्ना किसानों में भी उत्साह है। गन्ना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की उपलब्धियां किसानों को उन्नत और बेहतर तरीके से गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
पीलीभीत में गन्ना खेती बड़े पैमाने पर होती है और जिले में एक लाख से ज्यादा किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं। ऐसे में सुखदीप सिंह की यह उपलब्धि दूसरे किसानों के लिए भी सीख और प्रोत्साहन का जरिया बन सकती है।
सुखदीप की खेती का तरीका जानने के लिए देखें वीडियो
करीब एक साल पहले NewsPotli ने किसान सुखदीप सिंह की खेती पर विस्तार से कहानी की थी। उस दौरान उन्होंने अपनी खेती के तरीकों और तकनीक के बारे में विस्तार से बताया था। गन्ने में वह ट्रेंच विधि अपनाते हैं और उनके मुताबिक, इस तरीके से उन्होंने एक एकड़ में 600 क्विंटल तक गन्ने का उत्पादन तब लिया था। साथ में वह दूसरी फसलों की इंटरक्रॉपिंग भी करते हैं , जिससे खेती की लागत कम होती है।
खेती में उनकी तकनीक, मैनेजमेंट और गन्ने की अच्छी पैदावार का तरीका जानने के लिए NewsPotli का यह वीडियो भी देख सकते हैं।





