इस साल खरीफ सीजन में धान की खेती का रकबा पिछले साल के मुकाबले कम हो गया है। कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में धान का रकबा घटने से देश में कुल बुवाई 4 फीसदी कम हुई है। कृषि मंत्रालय के 11 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक 426.81 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 443.78 लाख हेक्टेयर में धान लगा था।
धान के रकबे में सबसे ज्यादा कमी कर्नाटक और तेलंगाना में हुई है। कर्नाटक में धान का रकबा 4.54 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 4.46 लाख हेक्टेयर घटा है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 1.90 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश में 1.84 लाख हेक्टेयर, मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर, तमिलनाडु में 1.40 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1.15 लाख हेक्टेयर और झारखंड में 0.97 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है। धान खरीफ सीजन की प्रमुख फसल है और इसकी कटाई अक्टूबर से शुरू होती है।
दलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ा
आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दलहन की बुवाई बढ़कर 118.46 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले साल यह 116.79 लाख हेक्टेयर थी। श्री अन्न और मोटे अनाज का रकबा भी बढ़कर 183.17 लाख हेक्टेयर हो गया है।
वहीं तिलहन की बुवाई मामूली घटकर 193.90 लाख हेक्टेयर रह गई है। कपास का रकबा भी 110.31 लाख हेक्टेयर से घटकर 109.34 लाख हेक्टेयर हो गया है। गन्ने की बुवाई भी थोड़ी कम हुई है।
खरीफ फसलों का कुल रकबा भी घटा
11 सितंबर तक देश में सभी खरीफ फसलों की कुल बुवाई 1,096.49 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल इसी अवधि में यह रकबा 1,112.54 लाख हेक्टेयर था। यानी इस साल कुल खरीफ रकबा भी कम है। कुछ हिस्सों में कम बारिश को इसकी एक बड़ी वजह माना जा रहा है।





