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MSP पर कपास बेचना अब होगा आसान, केंद्र सरकार ने लॉन्च किया “कपास किसान” एप

केंद्र सरकार ने कपास किसानों के लिए “कपास किसान” मोबाइल एप लॉन्च किया है। इसे भारतीय कपास निगम (CCI) ने विकसित किया है। एप के जरिए किसान एमएसपी पर कपास बेचने के लिए आसानी से पंजीकरण कर सकेंगे, स्लॉट ब

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Pooja Rai· Correspondent

3 सितंबर 2025· 3 min read

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MSP पर कपास बेचना अब होगा आसान, केंद्र सरकार ने लॉन्च किया “कपास किसान” एप

MSP पर कपास बेचना अब होगा आसान, केंद्र सरकार ने लॉन्च किया “कपास किसान” एप

केंद्र सरकार ने कपास किसानों के लिए “कपास किसान” मोबाइल एप लॉन्च किया है। इसे भारतीय कपास निगम (CCI) ने विकसित किया है। एप के जरिए किसान एमएसपी पर कपास बेचने के लिए आसानी से पंजीकरण कर सकेंगे, स्लॉट बुक कर पाएंगे और भुगतान की स्थिति ट्रैक कर सकेंगे। इसमें कपास की गुणवत्ता, स्वीकृत मात्रा और भुगतान की जानकारी रियल टाइम में मिलेगी। एप कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसका उद्देश्य किसानों को बिचौलियों से बचाकर उनकी फसल का सही मूल्य दिलाना और खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी व तेज़ बनाना है।

नई दिल्ली। कपास किसानों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार ने एक नया मोबाइल एप “कपास किसान (Kapas Kisan)” लॉन्च किया है। इस एप को भारतीय कपास निगम (CCI) ने तैयार किया है। एप का मकसद है – किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आसानी से दिलाना और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और तेज़ बनाना।

एप लॉन्च करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह एप डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम है। अब कपास बेचने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण से लेकर भुगतान की जानकारी तक हर चरण अब डिजिटल हो गया है। इससे एमएसपी पर कपास खरीद समय पर और निष्पक्ष तरीके से हो पाएगी। यह किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से भी बचाएगा।

एप की खासियतें
किसान सीधे इस एप के जरिए एमएसपी पर कपास बेचने के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कर सकेंगे।
खरीद केंद्रों पर भीड़ और लंबी लाइनों से बचने के लिए किसान अपने हिसाब से डिजिटल स्लॉट बुकिंग कर पाएंगे।
कपास की गुणवत्ता जांच, स्वीकृत मात्रा और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी किसानों को रियल टाइम में मिलती रहेगी।
किसान अपने भुगतान की स्थिति एप में आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
एप का इंटरफेस बिल्कुल आसान है और यह कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

ये भी पढ़ें - एथेनॉल उत्पादन में चीनी मिलों को मिली खुली छूट

किसानों को कैसे होगा फायदा?
इस एप से किसानों को सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब उन्हें फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें अपनी फसल का सही मूल्य मिलेगा और खरीद केंद्रों पर कागजी काम भी कम होगा। साथ ही, समय की बचत होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी।सरकार का मानना है कि इस एप से न केवल किसानों की दिक्कतें कम होंगी, बल्कि डिजिटल इंडिया के विज़न को भी रफ्तार मिलेगी।

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