देश के एक हिस्से में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर कमजोर पड़ने लगा है, जबकि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे चलकर डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में बदल सकता है।
कई राज्यों से मानसून की विदाई
IMD के मुताबिक, मानसून राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ हरियाणा और पंजाब के कुछ इलाकों से भी पीछे हट गया है। मानसून की वापसी की रेखा अब जैसलमेर, नागौर, सीकर, रोहतक, पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।
अगले 2-3 दिनों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी मानसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल है।
बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा सिस्टम
वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर Well Marked Low Pressure Area बन गया है। इसके आगे और मजबूत होकर डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। यह सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ सकता है।
इसके असर से बुधवार को पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट
इस मौसम सिस्टम के कारण दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। IMD ने बुधवार और गुरुवार को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं गुरुवार को तटीय कर्नाटक में भी बेहद भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा कर्नाटक, तेलंगाना, रायलसीमा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। समुद्र में भी हलचल बढ़ने की आशंका है, इसलिए मछुआरों और समुद्र से जुड़े लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।





