News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. खेती किसानी
  3. मानसून की विदाई के बीच पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के आसार, खेती पर भी पड़ेगा असर
खेती किसानी

मानसून की विदाई के बीच पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के आसार, खेती पर भी पड़ेगा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मानसून सीजन में देशभर में बारिश की कमी करीब 15 फीसदी पर बनी हुई है। हालांकि, पिछले सप्ताह के मुकाबले कुछ इलाकों में स्थिति में सुधार हुआ है।

News Potli

News Potli·News Potli Desk·25 Sep 2026

मानसून की विदाई के बीच पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के आसार, खेती पर भी पड़ेगा असर

देश में मानसून अब धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम भारत से विदा हो रहा है, लेकिन जाते-जाते पूर्वी और मध्य भारत में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है और इसके और मजबूत होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, El Nino तेजी से मजबूत हुआ है और इसके 2027 तक बने रहने का अनुमान जताया गया है, जिससे आगे मौसम और खेती पर असर पड़ने की चिंता बढ़ सकती है।

15 फीसदी बारिश की कमी

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मानसून सीजन में देशभर में बारिश की कमी करीब 15 फीसदी पर बनी हुई है। हालांकि, पिछले सप्ताह के मुकाबले कुछ इलाकों में स्थिति में सुधार हुआ है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश की कमी 29 फीसदी से घटकर 27 फीसदी रह गई है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी कमी 28 फीसदी से घटकर 26 फीसदी हुई है। मध्य भारत में बारिश की कमी करीब 6 फीसदी पर बनी हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह कमी 9 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो गई है।

खरीफ फसलों की बुवाई में बढ़त

18 सितंबर तक देश में खरीफ फसलों की कुल बुवाई 1,103.9 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले बुवाई का अंतर भी थोड़ा कम हुआ है। अब कुल रकबा पिछले साल से करीब 15.1 लाख हेक्टेयर कम है, जबकि एक सप्ताह पहले यह अंतर 16 लाख हेक्टेयर था।

हालांकि, सभी फसलों की स्थिति एक जैसी नहीं है। तिलहन की बुवाई पहली बार पिछले साल के मुकाबले थोड़ी ज्यादा हुई है, जबकि दलहन की बुवाई लगभग स्थिर बनी हुई है।

धान की बुवाई अभी भी पीछे

धान की बुवाई में कमी लगातार बनी हुई है। 18 सितंबर तक देश में करीब 429.3 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 445.9 लाख हेक्टेयर था। यानी धान का रकबा करीब 16.6 लाख हेक्टेयर कम है।

कपास की स्थिति भी पिछले साल के मुकाबले थोड़ी पीछे है। इस साल करीब 109.6 लाख हेक्टेयर में कपास बोई गई है, जबकि पिछले साल यह रकबा 110.6 लाख हेक्टेयर था।

मध्य और पश्चिम भारत में जलाशयों की स्थिति बेहतर

रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य और पश्चिम भारत में जलाशयों में पानी का भंडारण 10 साल के औसत से ऊपर बना हुआ है। इससे इन इलाकों में आगे की खेती और सिंचाई के लिए कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, दक्षिणी प्रायद्वीप में बुवाई और जलाशयों में पानी, दोनों की स्थिति अभी कमजोर बनी हुई है।

El Nino को लेकर चिंता क्यों?

रिपोर्ट में कहा गया है कि El Niño इस समय तेजी से मजबूत हो रहा है और यह लंबे समय तक, यहां तक कि 2027 तक बना रह सकता है। El Niño का असर भारत के मानसून पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में बारिश का पैटर्न खेती के लिए अहम रहेगा।

फिलहाल, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की उम्मीद है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से अहम हो सकती है, लेकिन आगे मौसम कैसा रहता है, यह El Niño और मानसून की विदाई की रफ्तार पर काफी हद तक निर्भर करेगा।

News Potli.
Clip & Share
“

— मानसून की विदाई के बीच पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के आसार, खेती पर भी पड़ेगा असर

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Monsoon2026ELNinoAgriculture NewsRain deficitKharif crops
News Potli

About the Author

News Potli

News Potli Desk

Related Coverage

और पढ़ें

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर
खेती किसानी

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर

यूपी के हर कोल्ड स्टोरेज में न्यूनतम 1000 पौधों का रोपण कराना अनिवार्य, हर पौधे की होगी जिओ टैगिंग

Arvind Shukla·
खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage
खेती किसानी

खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage

जलभराव से हर साल किसानों की लाखों रुपए की फ़सल बर्बाद हो जाती है। अगर किसान अपने खेतों में perforated drainage system लगवा दें तो न सिर्फ फसलों को जलभराव से बचाया जा सकता है बल्कि जमीन जमा नुकसान करने वाले साल्ट को भी बाहर निकाला जा सकता है. देखिए कैसे काम करता है ये सिस्टम।

Arvind Shukla·
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस
खेती किसानी

किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, खांडसारी और गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने इसके कई प्रावधानों का विरोध किया था।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs