इस साल मानसून में बारिश की कमी अब किसानों के लिए चिंता बढ़ा रही है। अगस्त में बारिश कमजोर रहने के बाद सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। क्रिसिल के मुताबिक, इसका असर मौजूदा खरीफ फसलों की पैदावार के साथ-साथ आने वाले रबी सीजन पर भी पड़ सकता है। खासकर जिन फसलों में सिंचाई की सुविधा कम है, उन्हें बारिश की कमी का ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है।
मानसून में 14% बारिश कम
क्रिसिल के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से करीब 14% कम हुई है। मौसम विभाग यानी IMD ने सितंबर में बारिश सामान्य से 9% कम रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने सितंबर में बारिश में करीब 20% की कमी का अनुमान जताया है।
खरीफ फसलों की बुवाई पर ज्यादा असर नहीं
बारिश कम होने के बावजूद खरीफ फसलों की बुवाई पर अब तक ज्यादा असर नहीं पड़ा है। 4 सितंबर तक खरीफ फसलों की बुवाई सामान्य क्षेत्र के करीब 98% और पिछले साल के मुकाबले 96% रही। यानी बुवाई का रकबा लगभग सामान्य है।
लेकिन अब चिंता बुवाई के रकबे से ज्यादा फसल की पैदावार को लेकर है। अगर बारिश कम रहती है तो कम सिंचाई वाले इलाकों में फसलों को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
कपास, बाजरा, मक्का और सोयाबीन पर ज्यादा खतरा
क्रिसिल ने कपास, बाजरा, मक्का, अरहर (तूर), मूंगफली और सोयाबीन को बारिश की कमी से ज्यादा प्रभावित होने वाली फसलों में रखा है। इन फसलों में सिंचाई की सुविधा कम होने के कारण बारिश की कमी का सीधा असर फसल की बढ़वार और पैदावार पर पड़ सकता है।
CRISIL क्या है?
CRISIL एक प्रमुख रेटिंग, रिसर्च और एनालिटिक्स कंपनी है। यह भारत की अर्थव्यवस्था, अलग-अलग सेक्टर और कंपनियों से जुड़े आंकड़ों और रुझानों का अध्ययन करती है। कृषि के क्षेत्र में भी CRISIL बारिश, फसल की बुवाई, पैदावार, मंडी भाव और किसानों की कमाई जैसे मुद्दों पर रिसर्च करती है।





