मिजोरम के एक गांव में स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाली महिला किसान जेडटी लालरिथांगी को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने सम्मानित किया है। वह स्ट्रॉबेरी की खेती के साथ मछली पालन और मुर्गी पालन भी करती हैं। खेती के इन तरीकों से उन्होंने अपनी आमदनी के कई रास्ते बनाए हैं। FAO के मुताबिक, उनके दो एकड़ के फार्म से हर साल करीब 6 से 10 लाख रुपये की आमदनी होती है।
जेडटी लालरिथांगी को साल 2026 की ‘FAO 100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ पहल के तहत चुना गया है। यह पहल कृषि, खाद्य व्यवस्था और ग्रामीण विकास में अहम योगदान देने वाली 100 महिलाओं के काम को पहचान देने के लिए शुरू की गई है। भारत से लालरिथांगी के अलावा महाराष्ट्र की प्रियंका महेश शेल्के को भी इस पहल के तहत सम्मानित किया गया। दोनों को 15 अक्टूबर 2026 को रोम में FAO के मुख्यालय में सम्मान दिया गया।
स्ट्रॉबेरी की खेती के साथ मछली और मुर्गी पालन
लालरिथांगी मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के सांगाउ गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपने दो एकड़ के फार्म पर स्ट्रॉबेरी की खेती के साथ मछली पालन और मुर्गी पालन को भी जोड़ा है। इससे वह उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही हैं और कमाई के अलग-अलग रास्ते तैयार कर रही हैं।
FAO के मुताबिक, उनके फार्म से हर साल करीब 6 से 10 लाख रुपये की आमदनी होती है। वह स्ट्रॉबेरी से जूस बनाने जैसे वैल्यू एडिशन के तरीकों पर भी काम कर रही हैं, ताकि अपने उत्पादों के लिए बाजार के नए अवसर तलाश सकें।
दूसरे किसानों को भी करती हैं मदद
लालरिथांगी खेती से जुड़े स्थानीय समूहों में भी सक्रिय हैं। वह दूसरे किसानों को मार्गदर्शन देती हैं और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने में योगदान दे रही हैं। उनके काम को देखते हुए उन्हें 2025-26 के लिए लॉन्गतलाई जिले की सर्वश्रेष्ठ बागवानी किसान के रूप में भी पहचान मिली।
FAO की इस पहल के लिए 131 सदस्य देशों से कुल 609 नामांकन आए थे। भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस पहल के लिए 20 महिलाओं के नाम भेजे थे। लालरिथांगी का चयन दिखाता है कि टिकाऊ खेती, बागवानी और आमदनी के नए तरीकों के जरिए ग्रामीण इलाकों में आजीविका के बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं।





