लखनऊ। खेती में अच्छी कमाई सिर्फ ज्यादा उत्पादन से नहीं, बल्कि सही बाजार तक पहुंच बनाने से भी होती है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के कासिमपुर गांव के प्रगतिशील किसान आलोक वर्मा ने यही कर दिखाया है। वे स्ट्रॉबेरी के साथ-साथ कई विदेशी (एक्जॉटिक) सब्जियों की खेती करते हैं और अपनी उपज सीधे Lulu Mall, Reliance और Walmart जैसे बड़े रिटेल स्टोर व होटलों तक पहुंचाते हैं। इसी मजबूत मार्केटिंग मॉडल की बदौलत उनकी रोजाना 20 से 22 हजार रुपये तक की सप्लाई होती है।
आलोक ने वर्ष 2016 में केवल आधा एकड़ जमीन से खेती की शुरुआत की थी। आज वे करीब 12 एकड़ में खेती कर रहे हैं, जिसमें एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती होती है। इसके अलावा वे लेट्यूस, ब्रोकोली, रेड कैबेज, टमाटर और बीन्स जैसी कई विदेशी सब्जियां भी उगाते हैं।
स्ट्रॉबेरी से सालाना 8-10 लाख रुपये की कमाई
आलोक बताते हैं कि अकेले स्ट्रॉबेरी की खेती से उन्हें हर साल 8 से 10 लाख रुपये की आय होती है। आलोक का बिजनेस मॉडल सिर्फ अपनी फसल बेचने तक सीमित नहीं है। वे कुछ सब्जियां खुद उगाते हैं और बाजार की मांग पूरी करने के लिए कुछ सब्जियां दूसरे किसानों से खरीदकर भी बड़े मॉल और होटलों में सप्लाई करते हैं। इससे उनकी सप्लाई लगातार बनी रहती है और दूसरे किसानों को भी अपनी उपज बेचने का अच्छा बाजार मिल जाता है।
फसल विविधीकरण से पूरे साल होती है कमाई
आलोक का कहना है कि केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फसलों की खेती करने से पूरे साल आय बनी रहती है। यदि किसी एक फसल का भाव कम हो जाए, तो दूसरी फसल से होने वाली कमाई उसकी भरपाई कर देती है। यही वजह है कि उन्होंने स्ट्रॉबेरी के साथ कई विदेशी सब्जियों की खेती को अपनाया है।
स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए क्या रखें ध्यान?
आलोक के मुताबिक, स्ट्रॉबेरी की खेती की तैयारी जून महीने से शुरू कर देनी चाहिए, ताकि सितंबर में पौधों की रोपाई की जा सके। खेत की अच्छी तैयारी, जैविक खाद, ढैंचा जैसी हरी खाद, संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल, ड्रिप सिंचाई और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधों का चयन बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी है। पौधों के बीच करीब 10 इंच की दूरी रखने से भी अच्छे परिणाम मिलते हैं।
शुरुआत में आईं चुनौतियां, लेकिन नहीं मानी हार
आलोक बताते हैं कि शुरुआती दौर में उन्हें फफूंद (फंगल) रोग और बाजार में कम कीमत जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन आधुनिक खेती की तकनीकों, बेहतर फसल प्रबंधन और सीधे खरीदारों तक पहुंच बनाकर उन्होंने इन चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।
अगर आप स्ट्रॉबेरी और विदेशी सब्जियों की खेती, उनकी मार्केटिंग और बड़े रिटेल स्टोर तक सप्लाई के इस मॉडल को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो यह सब News Potli के इस वीडियो में देख और समझ सकते हैं।
वीडियो देखिए-





