News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. खेती किसानी
  3. कम जमीन में ज्यादा खेती, किसानों ने बदली खेती की तस्वीर... देखिए सरकारी आंकड़े
खेती किसानी

कम जमीन में ज्यादा खेती, किसानों ने बदली खेती की तस्वीर... देखिए सरकारी आंकड़े

देश में खेती योग्य जमीन भले ही पिछले तीन वर्षों में थोड़ी कम हुई हो, लेकिन आधुनिक तकनीक और बेहतर खेती के तरीकों की बदौलत किसान उसी जमीन पर पहले से ज्यादा फसलें उगा रहे हैं। इसी वजह से कुल बोया गया क्षेत्र, फसल सघनता, खाद्यान्न और बागवानी उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Pooja Rai

Pooja Rai·07 Aug 2026

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में खेती योग्य जमीन 2022-23 में 179.98 मिलियन हेक्टेयर थी, जो 2024-25 में घटकर 179.43 मिलियन हेक्टेयर रह गई।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में खेती योग्य जमीन 2022-23 में 179.98 मिलियन हेक्टेयर थी, जो 2024-25 में घटकर 179.43 मिलियन हेक्टेयर रह गई।

नई दिल्ली। देश में खेती योग्य जमीन लगातार थोड़ी कम हो रही है, लेकिन किसानों ने आधुनिक तकनीकों और बेहतर खेती के तरीकों की मदद से उसी जमीन से ज्यादा उत्पादन लेना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि खेती का कुल रकबा, फसल सघनता और अनाज उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में लिखित जवाब में ये जानकारी दी।

खेती की जमीन घटी, लेकिन खेती बढ़ी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में खेती योग्य जमीन 2022-23 में 179.98 मिलियन हेक्टेयर थी, जो 2024-25 में घटकर 179.43 मिलियन हेक्टेयर रह गई। इसके बावजूद किसानों ने एक ही खेत में साल में एक से ज्यादा फसलें उगाकर खेती का दायरा बढ़ाया है। इसी कारण ग्रॉस क्रॉप्ड एरिया (कुल बोया गया क्षेत्र) 2014-15 के 198.28 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 225.19 मिलियन हेक्टेयर हो गया।

एक खेत से कई फसलें, बढ़ी फसल सघनता

सरकार के अनुसार, आधुनिक खेती की तकनीक, बेहतर सिंचाई और सरकारी योजनाओं के चलते किसान अब एक ही खेत में साल में दो या उससे अधिक फसलें ले रहे हैं। इससे क्रॉपिंग इंटेंसिटी (फसल सघनता) 2014-15 के 142.2 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 159.7 प्रतिशत पहुंच गई है।

अनाज और बागवानी उत्पादन में भी बढ़ोतरी

खेती के बेहतर तरीकों का असर उत्पादन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। देश का खाद्यान्न उत्पादन 2014-15 के 252.02 मिलियन टन से बढ़कर 2025-26 के अग्रिम अनुमान के अनुसार 376.56 मिलियन टन हो गया है। वहीं बागवानी फसलों का उत्पादन भी 280.98 मिलियन टन से बढ़कर 377.77 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

सरकार का कहना है कि सीमित कृषि भूमि के बावजूद आधुनिक तकनीक, बेहतर कृषि प्रबंधन और प्रभावी नीतियों की मदद से किसान अधिक उत्पादन लेने में सफल हो रहे हैं। इससे देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

ये भी देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— कम जमीन में ज्यादा खेती, किसानों ने बदली खेती की तस्वीर... देखिए सरकारी आंकड़े

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Agricultural LandAgricultural ProductionFarmersFarmingNewsPotliHorticultureFoodgrains
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर
खेती किसानी

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर

यूपी के हर कोल्ड स्टोरेज में न्यूनतम 1000 पौधों का रोपण कराना अनिवार्य, हर पौधे की होगी जिओ टैगिंग

Arvind Shukla·
खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage
खेती किसानी

खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage

जलभराव से हर साल किसानों की लाखों रुपए की फ़सल बर्बाद हो जाती है। अगर किसान अपने खेतों में perforated drainage system लगवा दें तो न सिर्फ फसलों को जलभराव से बचाया जा सकता है बल्कि जमीन जमा नुकसान करने वाले साल्ट को भी बाहर निकाला जा सकता है. देखिए कैसे काम करता है ये सिस्टम।

Arvind Shukla·
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस
खेती किसानी

किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, खांडसारी और गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने इसके कई प्रावधानों का विरोध किया था।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs