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कीवी की खेती से अच्छी कमाई, जानिए अलिसन से हेवर्ड तक प्रमुख किस्में

ICAR के मुताबिक, कीवी को कम ठंड वाले इलाकों में भी उगाया जा सकता है। पौधे लगाने के करीब 4-5 साल बाद व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाता है। उत्तराखंड में 800 से 1600 मीटर की ऊंचाई वाले इलाके इसकी खेती के लिए उपयुक्त पाए गए हैं।

Pooja Rai

Pooja Rai·05 Oct 2026

कीवी की खेती से अच्छी कमाई, जानिए अलिसन से हेवर्ड तक प्रमुख किस्में

उत्तराखंड की पहाड़ी जलवायु कीवी की खेती के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। पारंपरिक फसलों से कम आमदनी होने की वजह से कई किसान अब कीवी जैसी बागवानी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं। कीवी स्वाद और पोषक तत्वों से भरपूर फल है, इसलिए बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है।

ICAR के मुताबिक, कीवी को कम ठंड वाले इलाकों में भी उगाया जा सकता है। पौधे लगाने के करीब 4-5 साल बाद व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाता है। उत्तराखंड में 800 से 1600 मीटर की ऊंचाई वाले इलाके इसकी खेती के लिए उपयुक्त पाए गए हैं।

अगेती किस्में

अलिसन: यह उत्तराखंड की जलवायु के लिए अच्छी और प्रमुख व्यावसायिक किस्म है। इसके फल 70-90 ग्राम के होते हैं और स्वाद मीठा-खट्टा होता है। यह अक्टूबर-नवंबर में पकती है। ICAR की जानकारी के अनुसार, एक पौधे से करीब 40-60 किलो और एक एकड़ से 8-12 टन तक उत्पादन मिल सकता है।

एबॉट: यह मध्यम तेजी से बढ़ने वाली और नियमित फल देने वाली किस्म है। इसके फल अंडाकार और 70-85 ग्राम के होते हैं। यह जल्दी पकने वाली किस्म है, जिससे किसानों को बाजार में अच्छा भाव मिलने की संभावना रहती है। एक पौधे से करीब 35-50 किलो और एक एकड़ से 6-9 टन तक उत्पादन मिल सकता है।

मोंटी: यह मध्यम से तेजी से बढ़ने वाली और नियमित फल देने वाली किस्म है। इसके फल 60-80 ग्राम के होते हैं। ICAR के मुताबिक, इससे एक पौधे से करीब 30-45 किलो और एक एकड़ से 5-8 टन तक उत्पादन लिया जा सकता है।

पछेती किस्में

हेवर्ड: यह दुनिया की सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली व्यावसायिक कीवी किस्मों में से एक है। इसके फल बड़े और करीब 80-100 ग्राम के होते हैं। फल अंदर से हरे और स्वाद मीठा-खट्टा होता है। इसे ताजा खाने के साथ Processing के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। ICAR की जानकारी के अनुसार, एक पौधे से 40-60 किलो और एक एकड़ से 6-10 टन तक उत्पादन मिल सकता है।

ग्रीनलाइट: यह तेजी से बढ़ने और नियमित फल देने वाली किस्म है। इसके फल 70-85 ग्राम के होते हैं। फल बाहर से भूरे और अंदर से हरे होते हैं और स्वाद मीठा-खट्टा होता है। ICAR के अनुसार, एक पौधे से करीब 30-50 किलो और एक एकड़ से 10-20 टन तक उत्पादन लिया जा सकता है।

ICAR के वैज्ञानिकों के मुताबिक, सही जलवायु, अच्छी मिट्टी और बेहतर बागवानी तकनीक अपनाकर किसान कीवी से अच्छी और लगातार पैदावार ले सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को बढ़ावा देने के लिहाज से कीवी एक अच्छा विकल्प बन सकता है।

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