News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. खेती किसानी
  3. खरीफ बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, एक हफ्ते में 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा बढ़ा रकबा, अब सिर्फ 4.7% की कमी
खेती किसानी

खरीफ बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, एक हफ्ते में 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा बढ़ा रकबा, अब सिर्फ 4.7% की कमी

देश में खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है। 24 जुलाई तक कुल 787.38 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 4.7% कम है। हालांकि, जुलाई के आखिरी सप्ताह में 3 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त बुवाई होने से कमी 21% से घटकर 4.7% रह गई है।

Pooja Rai

Pooja Rai·28 Jul 2026

देश में खरीफ फसलों की बुवाई लगातार रफ्तार पकड़ रही है

देश में खरीफ फसलों की बुवाई लगातार रफ्तार पकड़ रही है

देश में खरीफ फसलों की बुवाई लगातार रफ्तार पकड़ रही है। पिछले एक हफ्ते में किसानों ने पिछले साल की तुलना में 3 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में बुवाई की है। इसकी वजह से खरीफ बुवाई का अंतर अब घटकर 4.7% रह गया है, जबकि 5 जुलाई तक यह अंतर 21% था।

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो (El Niño) की स्थिति बनने के बावजूद फिलहाल फसलों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है, क्योंकि 71% से ज्यादा खरीफ बुवाई पूरी हो चुकी है। हालांकि, आने वाले दो महीनों में बारिश कैसी रहती है, इस पर सभी की नजर रहेगी क्योंकि यही समय फसलों की बढ़वार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।

24 जुलाई तक 787.38 लाख हेक्टेयर में हुई बुवाई

कृषि मंत्रालय के अनुसार 24 जुलाई 2026 तक देश में 787.38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है। पिछले साल इसी समय तक 826.19 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। यानी इस साल अभी भी 4.7% कम क्षेत्र में बुवाई हुई है।

हालांकि, 18 से 24 जुलाई के बीच किसानों ने 129.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 125.72 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इससे साफ है कि बुवाई की रफ्तार अब तेज हो गई है।

मानसून की स्थिति में भी सुधार

इस साल जून में देशभर में बारिश सामान्य से 37% कम थी, लेकिन अब स्थिति सुधर रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 जून से 27 जुलाई तक बारिश की कमी घटकर 16% रह गई है। वहीं 1 से 27 जुलाई के दौरान बारिश सामान्य से सिर्फ 3% कम दर्ज की गई।

सरकार ने रखा बड़ा उत्पादन लक्ष्य

सरकार ने खरीफ 2026 के लिए 176.16 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसमें—

  • दालें: 8.40 मिलियन टन
  • मक्का: 31.04 मिलियन टन
  • पोषक अनाज (श्री अन्न): 13.56 मिलियन टन

शामिल हैं।

धान की बुवाई 2.6% कम, लेकिन उत्पादन पर बड़ा असर नहीं

देश की सबसे बड़ी खरीफ फसल धान की बुवाई अभी 234.43 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल यह 240.62 लाख हेक्टेयर थी। यानी धान का रकबा 2.6% कम है।

सरकार ने इस साल खरीफ में 123.15 मिलियन टन चावल उत्पादन का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ राज्यों में अधिक बुवाई होने से यदि कुल रकबा थोड़ा कम भी रहता है, तब भी उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

इन राज्यों में बढ़ी धान की बुवाई

धान उत्पादक कई बड़े राज्यों में बुवाई पिछले साल से ज्यादा हुई है—

  • उत्तर प्रदेश: 57.80 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 55.46 लाख)
  • पंजाब: 31.66 लाख हेक्टेयर (31.56 लाख)
  • बिहार: 17.58 लाख हेक्टेयर (12.89 लाख)
  • असम: 11.68 लाख हेक्टेयर (6.76 लाख)
  • आंध्र प्रदेश: 4.74 लाख हेक्टेयर (4.46 लाख)

इन राज्यों में घटी धान की बुवाई

कुछ राज्यों में धान का रकबा काफी घटा है—

  • मध्य प्रदेश: 27.39 से घटकर 19.54 लाख हेक्टेयर
  • महाराष्ट्र: 8.59 से घटकर 4.90 लाख हेक्टेयर

इसके अलावा छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, तेलंगाना और ओडिशा में भी धान की बुवाई पिछले साल से कम रही।

दालों की बुवाई में कमी, लेकिन हालात सुधर रहे

देश में दालों की बुवाई 84.57 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल यह 91.46 लाख हेक्टेयर थी। यानी अभी 7.5% की कमी है।

हालांकि, 10 जुलाई तक यह कमी 23% थी, जो अब काफी घट गई है।

प्रमुख दालों की स्थिति

  • अरहर: 31.17 लाख हेक्टेयर (12% कम)
  • मूंग: 26.89 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 28.39 लाख)
  • उड़द: 18.67 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 17.27 लाख) — यानी उड़द की बुवाई बढ़ी है।

तिलहनों की बुवाई लगभग सामान्य

तिलहनों की बुवाई में भी सुधार हुआ है। अब तक 147.09 लाख हेक्टेयर में तिलहन बोए गए हैं, जबकि पिछले साल यह 155.72 लाख हेक्टेयर था। कमी अब सिर्फ करीब 2% रह गई है, जबकि 10 जुलाई तक यह 21% थी।

सरकार ने इस साल तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 28.92 मिलियन टन रखा है। इसमें—

  • सोयाबीन: 14.85 मिलियन टन
  • मूंगफली: 11.35 मिलियन टन

उत्पादन का लक्ष्य शामिल है।

प्रमुख तिलहनों की स्थिति

  • सोयाबीन: 113.65 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 117.24 लाख)
  • मूंगफली: 40.20 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 40.77 लाख)

कपास, गन्ना और जूट की स्थिति

  • कपास: 98.72 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 102.71 लाख) यानी लगभग 4% कम।
  • गन्ना: बुवाई पूरी हो चुकी है। इस साल 57.58 लाख हेक्टेयर, जबकि पिछले साल 56.72 लाख हेक्टेयर।
  • जूट और मेस्ता: बुवाई पूरी हो चुकी है। इस साल 6.33 लाख हेक्टेयर, जबकि पिछले साल 6.20 लाख हेक्टेयर।

श्री अन्न (मोटे अनाज) की बुवाई अभी भी पीछे

श्री अन्न और मोटे अनाजों की बुवाई 142.21 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल यह 161.49 लाख हेक्टेयर थी। यानी करीब 12% की कमी है।

मुख्य फसलों की स्थिति—

  • ज्वार: 11.07 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 12.45 लाख)
  • बाजरा: 49.54 लाख हेक्टेयर (58.08 लाख)
  • रागी: 1.56 लाख हेक्टेयर (2.16 लाख)
  • मक्का: 77.79 लाख हेक्टेयर (86.15 लाख)

News Potli.
Clip & Share
“

— खरीफ बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, एक हफ्ते में 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा बढ़ा रकबा, अब सिर्फ 4.7% की कमी

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Kharif CropsNewsPotli
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर
खेती किसानी

वृक्षारोपण महा अभियान 2026: उद्यान विभाग रोपेगा 1.5 करोड़ पौधे, एग्रोफॉरेस्ट्री पर जोर

यूपी के हर कोल्ड स्टोरेज में न्यूनतम 1000 पौधों का रोपण कराना अनिवार्य, हर पौधे की होगी जिओ टैगिंग

Arvind Shukla·
खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage
खेती किसानी

खेतों को जलभराव से छुट्टी: देखिए खेतों में कैसे काम करता है Sub Surface Drainage

जलभराव से हर साल किसानों की लाखों रुपए की फ़सल बर्बाद हो जाती है। अगर किसान अपने खेतों में perforated drainage system लगवा दें तो न सिर्फ फसलों को जलभराव से बचाया जा सकता है बल्कि जमीन जमा नुकसान करने वाले साल्ट को भी बाहर निकाला जा सकता है. देखिए कैसे काम करता है ये सिस्टम।

Arvind Shukla·
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस
खेती किसानी

किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, गन्ना नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, खांडसारी और गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने इसके कई प्रावधानों का विरोध किया था।

News Potli·
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs