देश में खरीफ फसलों की बुवाई का काम लगभग अंतिम दौर में है। किसानों ने पिछले हफ्ते के मुकाबले इस बार थोड़ी तेज रफ्तार से बुवाई की है, लेकिन कुल बोया गया क्षेत्र अभी भी पिछले साल के मुकाबले कम है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 4 सितंबर तक खरीफ फसलों की बुवाई 1,086.31 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 1,104.01 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी।
पिछले हफ्ते यानी 28 अगस्त से 4 सितंबर के बीच 15.21 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 14 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। यानी इस बार बुवाई की रफ्तार थोड़ी बेहतर रही है।
धान की बुवाई 3.7 फीसदी कम
खरीफ की सबसे प्रमुख फसल धान का रकबा इस बार 3.7 फीसदी घटकर 421.82 लाख हेक्टेयर रह गया है। पिछले साल इसी समय तक 438.19 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई थी। कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में धान का रकबा कम हुआ है।
दालों की बुवाई बढ़ी
दूसरी ओर, दलहन की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है। इस साल अब तक 117.13 लाख हेक्टेयर में दलहन बोई गई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 115.30 लाख हेक्टेयर था। अरहर की बुवाई 45.66 लाख हेक्टेयर और उड़द की 25.15 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। हालांकि मूंग का रकबा पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम है।
मक्का और मोटे अनाज का रकबा घटा
मोटे और पोषक अनाजों का कुल रकबा भी थोड़ा कम हुआ है। इस साल 181.39 लाख हेक्टेयर में इनकी बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल 182.48 लाख हेक्टेयर थी। ज्वार और बाजरा का रकबा बढ़ा है, लेकिन रागी और मक्का की बुवाई कम हुई है। मक्का का रकबा घटकर 91.09 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले साल 94.08 लाख हेक्टेयर था।
तिलहन और गन्ने की स्थिति
तिलहन की बुवाई भी थोड़ी कम हुई है। इस साल अब तक 191.99 लाख हेक्टेयर में तिलहन बोया गया है, जबकि पिछले साल 193.06 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। सोयाबीन और मूंगफली का रकबा भी पिछले साल के मुकाबले कम है।
वहीं, गन्ने का रकबा घटकर 58.47 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि पिछले साल यह 58.87 लाख हेक्टेयर था। हालांकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में गन्ने की बुवाई का रकबा बढ़ा है।
खरीफ उत्पादन लक्ष्य
केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 में 176.16 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें 123.15 मिलियन टन चावल, 8.41 मिलियन टन दलहन, 31.04 मिलियन टन मक्का और 13.56 मिलियन टन पोषक अनाज शामिल हैं। वहीं, तिलहन के लिए 28.93 मिलियन टन और गन्ने के लिए 500 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
मौसम भी खरीफ फसलों के लिए अहम है। जून से अगस्त के दौरान देश में सामान्य बारिश की 86 फीसदी बारिश हुई, जबकि 1 से 7 सितंबर के बीच बारिश सामान्य से 18 फीसदी कम रही। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में सितंबर के दौरान बारिश की कमी दर्ज की गई है।





