तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से खेती को बड़ा नुकसान हुआ है। राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी के मुताबिक, अब तक 3,264 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसलें प्रभावित हुई हैं और करीब 36,829 किसान इससे प्रभावित हुए हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार फसल नुकसान करीब 99.29 करोड़ रुपये पहुंच गया है। हालांकि, अभी नुकसान का आकलन जारी है और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
केंद्र से मांगी 110 करोड़ रुपये की मदद
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से 110 करोड़ रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता मांगी है। इसमें 100 करोड़ रुपये फसल नुकसान की भरपाई के लिए और 10 करोड़ रुपये मिट्टी की उर्वरता बहाल करने, दोबारा खेती शुरू कराने और किसानों को जरूरी मदद देने के लिए मांगे गए हैं।
बाढ़ के बाद खेतों की मिट्टी से जरूरी पोषक तत्व भी बह जाते हैं। इससे अगली फसल पर असर पड़ सकता है। इसलिए सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में मिट्टी की जांच कराएगी और जरूरत के मुताबिक उसकी उर्वरता वापस लाने के उपाय किए जाएंगे।
किसानों को नुकसान की सूचना कैसे देनी होगी?
सरकार के मुताबिक, जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें सबसे पहले अपने नजदीकी कृषि भवन (Krishi Bhavan) में नुकसान की जानकारी देनी होगी। इसके बाद कृषि अधिकारी मौके पर जाकर नुकसान का सत्यापन करेंगे।
जांच पूरी होने के बाद नुकसान की जानकारी कृषि विभाग के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी और उसे फसल नुकसान मुआवजा योजना से जोड़ा जाएगा। मंत्री के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में करीब तीन सप्ताह लग सकते हैं, लेकिन किसानों को नुकसान की रिपोर्ट करने के लिए इतना इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
सरकार प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की तैयारी कर रही है।
पुराने मुआवजे के मामले भी लंबित
कृषि मंत्री ने माना कि प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े फसल मुआवजे के कई मामले पहले से लंबित हैं। उनके मुताबिक, कुछ मामले 2022 से लंबित हैं। सरकार अब इन पुराने मामलों को भी जल्द निपटाने के उपाय कर रही है।
इसके अलावा केंद्र से एक केंद्रीय टीम भेजने का भी अनुरोध किया गया है, जो मौके पर जाकर नुकसान का आकलन कर सके। राज्य ने टीम को अलप्पुझा, कुट्टनाड, वायनाड, पथनमथिट्टा और कोट्टायम जैसे प्रभावित जिलों का दौरा करने को कहा है।
किसानों के कर्ज पर भी होगी चर्चा
राज्य सरकार सिर्फ केंद्र की मदद पर निर्भर नहीं रहना चाहती। सोमवार को सहकारी बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, कृषि विभाग और वित्त विभाग समेत विभिन्न संस्थानों की बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक में प्रभावित किसानों के कर्ज को आसान करने, पुनर्गठन करने और जरूरत पड़ने पर नए कर्ज की सुविधा देने पर चर्चा की जाएगी।
बाढ़ से फसल नुकसान का मुआवजा 25% बढ़ा
केरल सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं, जिसमें बाढ़ भी शामिल है, से होने वाले फसल नुकसान के लिए मुआवजे में 25 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे प्रभावित किसानों को पहले के मुकाबले अधिक सहायता मिल सकेगी।
ओणम पर सब्जियों के दाम रोकने की तैयारी
वहीं, आने वाले ओणम त्योहार के दौरान सब्जियों की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी न हो, इसके लिए सरकार ने 2,000 ओणम बाजार लगाने का फैसला किया है। ये बाजार Horticorp और Vegetable and Fruit Promotion Council Keralam (VFPCK) के जरिए लगाए जाएंगे।
बाजार में हस्तक्षेप के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान सब्जियों की कीमतों को नियंत्रण में रखना है।
17 अगस्त को होगा ‘चिंगम 1’ कार्यक्रम
कृषि विभाग 17 अगस्त को कोच्चि में ‘चिंगम 1’ कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री वीडी सतीशन करेंगे। चिंगम 1 को किसानों के सम्मान और नए कृषि वर्ष की शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है।
मंत्री ने कहा कि इस समय बाढ़ से किसान परेशान हैं, लेकिन किसानों को सम्मान देने वाले कार्यक्रम को रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि 17 अगस्त तक बाढ़ की स्थिति में सुधार होगा। साथ ही प्रभावित किसानों की आर्थिक परेशानी कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।





