झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा' कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हो गया। इस कार्यक्रम में राज्यभर से 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दो दिनों तक जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, न्यायसंगत बदलाव (जस्ट ट्रांजिशन), खेती, आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

राज्यपाल ने नवीकरणीय ऊर्जा पर दिया जोर
समापन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'भारत पंचामृत मिशन' और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब विकास के साथ पर्यावरण का भी संरक्षण किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम में निकले सुझावों और समाधानों को जमीन पर लागू किया जाएगा।

जल, जंगल और जमीन बचाने की जरूरत
कार्यक्रम में विधायक सरजू राय ने कहा कि झारखंड में जल, जंगल और जमीन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इन प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए सरकार, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए मजबूत नीतियां और जमीनी स्तर पर प्रयास जरूरी हैं।

43 संगठनों का नेटवर्क कर रहा है काम
सारथी नेटवर्क के मुन्ना झा ने बताया कि यह नेटवर्क झारखंड के 43 सामाजिक संगठनों को साथ लेकर काम कर रहा है। खासकर कोयला प्रभावित इलाकों में जलवायु परिवर्तन और न्यायसंगत बदलाव से जुड़े मुद्दों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में ASAR संस्था की सीईओ विनुता गोपाल ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस दौरान पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले सारथी नेटवर्क के 43 प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने सम्मानित भी किया।
कई लोगों ने निभाई अहम भूमिका
इस दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में सारथी नेटवर्क के कई सदस्यों और सहयोगी संगठनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर समाधान और भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार किया गया।
न्यूज़ पोटली की टीम दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा' कार्यक्रम के दौरान पूरे समय मौके पर मौजूद रही। इस कार्यक्रम में हुई हर अहम चर्चा, विशेषज्ञों की राय, महत्वपूर्ण फैसलों और जमीनी मुद्दों को हमने करीब से कवर किया। आने वाले दिनों में न्यूज़ पोटली पर आपको इस सम्मेलन से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट, खास बातचीत और सभी महत्वपूर्ण अपडेट देखने को मिलेंगे।





