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चाय की खेती से लेकर बाजार तक बदलाव की जरूरत, उपराष्ट्रपति ने रिसर्च और ब्रांडिंग पर दिया जोर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि चाय क्षेत्र में ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे लागत कम हो, गुणवत्ता बेहतर हो और उत्पादन बढ़े। उन्होंने चाय बागान मालिकों को बदलते बाजार और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक चाय की गुणवत्ता पर ध्यान देने की बात कही।

Pooja Rai

Pooja Rai·22 Sep 2026

चाय की खेती से लेकर बाजार तक बदलाव की जरूरत, उपराष्ट्रपति ने रिसर्च और ब्रांडिंग पर दिया जोर

भारत में चाय की खेती बड़े पैमाने पर होती है और देश में इसकी खपत भी काफी ज्यादा है। लेकिन अब दुनियाभर के बाजार में चाय को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय चाय को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर रिसर्च, आधुनिक तकनीक, अच्छी प्रोसेसिंग और मजबूत ब्रांडिंग पर काम करने की जरूरत है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने तमिलनाडु के कुन्नूर में UPASI Tea Research Foundation की 100वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में ये बातें कहीं।

रिसर्च और आधुनिक तकनीक पर जोर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि चाय क्षेत्र में ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे लागत कम हो, गुणवत्ता बेहतर हो और उत्पादन बढ़े। उन्होंने चाय बागान मालिकों को बदलते बाजार और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक चाय की गुणवत्ता पर ध्यान देने की बात कही।

उन्होंने चाय फैक्ट्रियों को आधुनिक बनाने और जरूरी जगहों पर उनके नवीनीकरण पर भी जोर दिया, ताकि भारतीय चाय वैश्विक मानकों के मुताबिक तैयार हो सके।

भारतीय ब्रांड बनाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि भारतीय चाय को सिर्फ थोक में बेचने के बजाय मजबूत भारतीय ब्रांड बनाने पर ध्यान देना चाहिए। इससे विदेशी बाजार में भारतीय चाय की पहचान बढ़ाने के साथ उसकी कीमत और कमाई में भी सुधार किया जा सकता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि चाय उद्योग की तरक्की के साथ प्लांटेशन मजदूरों का कल्याण भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि उद्योग और मजदूरों की भलाई साथ-साथ चलनी चाहिए।

चाय से जुड़े नए उत्पादों पर भी काम हो

उन्होंने चाय में Value Addition बढ़ाने की जरूरत बताई। इसके लिए नए उत्पाद, नई प्रक्रियाएं और नए बाजार तलाशने पर जोर दिया गया। साथ ही, भारत के बड़े घरेलू बाजार का बेहतर इस्तेमाल करने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान UPASI Tea Research Foundation के 100 साल के शोध कार्य पर आधारित ‘Tea Research in South India – A Compendium’ नाम की किताब भी जारी की गई।

Tea IndustryAgrculture news Vice president
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