भारत में रेशम उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में अभी करीब 42,000 मीट्रिक टन रेशम का उत्पादन हो रहा है, जिसे 2030-31 तक 60,000 मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है। सरकार ने 2028-29 तक भारत को दुनिया का सबसे बड़ा रेशम उत्पादक देश बनाने का संकल्प भी लिया है।
सरकार का जोर रेशम किसानों की आमदनी बढ़ाने पर भी है। इसके लिए शहतूत के पत्तों की पैदावार बढ़ाने, रेशमकीट पालन के ज्यादा चक्र करने और बेहतर किस्मों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। लक्ष्य किसानों की सालाना आय को 10 से 12 लाख रुपये तक पहुंचाने का है।
इसके लिए ज्यादा उत्पादन देने वाली रेशमकीट की संकर किस्मों और आधुनिक मशीनों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही AI, GIS और Machine Learning जैसी तकनीकों का इस्तेमाल गुणवत्ता जांचने और उत्पादन बढ़ाने में किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि भारतीय रेशम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ रही है। ऐसे में रेशम की खेती से लेकर कोकून तैयार करने, रीलिंग और बुनाई तक पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने और इस क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने की भी कोशिश की जा रही है।





