खेती में तकनीक का इस्तेमाल अब सिर्फ मोबाइल ऐप या ऑनलाइन सलाह तक सीमित नहीं रह गया है। ड्रोन, रोबोट, AI, कृषि जैव-तकनीक और नए कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में भी निवेश तेजी से बढ़ रहा है। AgBase, Briter और ISF Advisors की नई रिपोर्ट के मुताबिक, उभरते बाजारों में भारत AgTech और agrifood investment के मामले में सबसे आगे रहने वाले देशों में शामिल है।
‘The AgTech Investment in Emerging Markets 2025’ रिपोर्ट में 2023 से सितंबर 2025 तक 17 बाजारों में हुए 4.39 अरब डॉलर से ज्यादा के निवेश का अध्ययन किया गया। इसमें अकेले भारत में करीब 2.1 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो इन 17 बाजारों में सबसे ज्यादा है।
भारत Commercial Front Runners में शामिल
रिपोर्ट ने भारत को ब्राजील, इंडोनेशिया, चिली और अर्जेंटीना के साथ ‘कमर्शियल फ्रंट रनर्स’ श्रेणी में रखा है। इन देशों में कृषि और खाद्य क्षेत्र में कारोबार की अच्छी संभावनाएं हैं और कंपनियों के लिए निवेश जुटाकर बड़े स्तर पर कारोबार बढ़ाने के रास्ते भी बेहतर हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया ऐसा इकलौता क्षेत्र है, जहां कृषि और खाद्य क्षेत्र की कंपनियों के लिए निवेशकों को पैसा वापस पाने के कई रास्ते मौजूद हैं। इनमें बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण, निजी इक्विटी के जरिए सौदे, स्टार्टअप का अधिग्रहण और शेयर बाजार में लिस्टिंग शामिल हैं।
Digital Agriculture तक सीमित नहीं रहेगा निवेश
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में AgTech का अगला दौर सिर्फ डिजिटल खेती तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में कृषि जैव-तकनीक (Ag BioTech), कृषि इनपुट, AI आधारित मशीनें, ड्रोन, रोबोटिक्स और दूसरी नई तकनीकों में निवेश बढ़ सकता है।
इन तकनीकों का इस्तेमाल खेती की असली समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाएगा। जैसे उत्पादन बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और खेती के काम को आसान और बेहतर बनाना।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में निवेश का दायरा नई तकनीकों से लेकर वित्तीय सेवाओं, कृषि आपूर्ति श्रृंखला के बुनियादी ढांचे और खाद्य कारोबार तक बढ़ सकता है। यानी खेती में तकनीक और निवेश की अगली बड़ी कहानी सिर्फ खेत तक सीमित नहीं होगी, बल्कि खेत से लेकर बाजार और उपभोक्ता तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में देखने को मिल सकती है।





