भारत में इस साल मक्का उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका के कृषि विभाग (USDA) के नई दिल्ली स्थित स्थानीय कार्यालय ने 2026-27 में भारत का मक्का उत्पादन घटकर करीब 5 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है। यह पिछले अनुमान और पिछले साल के रिकॉर्ड उत्पादन से करीब 10 फीसदी कम है। इसके पीछे कमजोर मानसून, मक्का की कम बुवाई और कई इलाकों में फसल को पर्याप्त नमी नहीं मिलना प्रमुख वजह बताई गई है।
पिछले साल हुआ था रिकॉर्ड उत्पादन
कृषि मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, भारत ने 2025-26 में करीब 5.5 करोड़ टन मक्का का रिकॉर्ड उत्पादन किया था। यह 2024-25 के 4.34 करोड़ टन के मुकाबले करीब 27 फीसदी ज्यादा था। लेकिन इस साल मानसून की स्थिति और खेती के रकबे में कमी के कारण उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
मक्का की बुवाई में करीब 4 फीसदी कमी
कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 28 अगस्त तक देश में मक्का की बुवाई करीब 89.99 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल इसी अवधि में यह रकबा 93.87 लाख हेक्टेयर था। यानी इस बार मक्का की बुवाई करीब 4 फीसदी कम हुई है।
जून में मानसून कमजोर रहने के कारण खरीफ मक्का की बुवाई में करीब दो हफ्ते की देरी हुई। इसके अलावा अगस्त और सितंबर में भी बारिश कमजोर रहने का अनुमान है। इससे मिट्टी में नमी की कमी हो सकती है और इसका असर आगे की रबी और गर्मी की मक्का फसल पर भी पड़ सकता है।
USDA के मुताबिक, दक्षिण और प्रायद्वीपीय भारत के कई प्रमुख मक्का उत्पादक राज्यों में खड़ी फसल को इस समय नमी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र में रकबा घटा
देश के कई बड़े मक्का उत्पादक राज्यों में इस बार खेती का रकबा कम हुआ है।
- कर्नाटक: मक्का का रकबा 26 फीसदी घटकर 12.58 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 17 लाख हेक्टेयर था।
- महाराष्ट्र: रकबा करीब 11 फीसदी घटकर 12.9 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल 14.52 लाख हेक्टेयर था।
- मध्य प्रदेश: रकबा 2.22 फीसदी घटकर 26.4 लाख हेक्टेयर रहा।
- तेलंगाना: रकबा करीब 13 फीसदी घटकर 2.3 लाख हेक्टेयर रह गया।
इन राज्यों में कम बुवाई का सीधा असर देश के कुल मक्का उत्पादन पर पड़ सकता है।
इन राज्यों में बढ़ी मक्का की खेती
हालांकि, कुछ राज्यों में मक्का का रकबा बढ़ा भी है। राजस्थान में मक्का की खेती करीब 9.85 फीसदी बढ़कर 9.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। वहीं गुजरात में रकबा 3.59 फीसदी बढ़कर 2.71 लाख हेक्टेयर और हिमाचल प्रदेश में 3.67 फीसदी बढ़कर 2.54 लाख हेक्टेयर हुआ है।
इसके बावजूद बड़े उत्पादक राज्यों में रकबा घटने के कारण कुल उत्पादन में कमी का अनुमान लगाया गया है।
मौसम पर टिकी मक्का की फसल
USDA ने कहा है कि अगर आगे मौसम सामान्य रहता है तो मक्का उत्पादन करीब 5 करोड़ टन रह सकता है। हालांकि, सितंबर में कटाई के समय अगर लंबे समय तक सूखा पड़ता है या बहुत ज्यादा बारिश और बाढ़ आती है, तो खरीफ मक्का की फसल को और नुकसान हो सकता है।
इसके अलावा अगर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी बनी रहती है तो रबी और गर्मी की मक्का की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है।
मक्का की खपत 5.1 करोड़ टन रहने का अनुमान
USDA ने भारत में मक्का की खपत का अनुमान भी थोड़ा कम किया है। इसके मुताबिक, 2026-27 में देश में करीब 5.1 करोड़ टन मक्का की खपत हो सकती है। पिछले साल यह करीब 4.8 करोड़ टन थी।
यानी उत्पादन घटने के बावजूद मक्का की घरेलू मांग बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में अगर मौसम और फसल पर ज्यादा असर पड़ा तो आगे चलकर मक्का की उपलब्धता और कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है।





