देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी है, लेकिन अब मानसून की विदाई के संकेत भी मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। हालांकि, दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी और आसपास बन रहे मौसम तंत्र की वजह से पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
मानसून की विदाई के संकेत
IMD के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान के आसपास मौसम की स्थिति मानसून की वापसी के लिए अनुकूल हो रही है। मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश से बारिश खत्म हो जाएगी। आम तौर पर मानसून चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग इलाकों से पीछे हटता है। IMD इसके लिए बारिश में लगातार कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और नमी में कमी जैसे संकेतों को देखता है।
कई राज्यों में बारिश का दौर जारी
मौसम विभाग के मुताबिक 17 सितंबर को पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी 17 से 19 सितंबर के बीच बारिश और आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 17 और 18 सितंबर को गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मध्य भारत में भी बारिश
मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 सितंबर और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 19 से 22 सितंबर के बीच बारिश का जोर बढ़ सकता है। इस दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं विदर्भ में 16 से 21 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश और 22 सितंबर को कई जगह बारिश की संभावना है।
बिहार-झारखंड समेत पूर्वी राज्यों में बारिश
पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। बिहार और झारखंड में 17 से 22 सितंबर तक कई जगह बारिश हो सकती है। बिहार में 17 और 18 सितंबर को कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है।
ओडिशा में 18 से 20 सितंबर के दौरान बारिश के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर के ऊपर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
इसके बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। इसके असर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश बढ़ सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है।
तमिलनाडु में 17 से 20 सितंबर तक कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। केरल में 17 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 19 से 22 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 22 सितंबर के दौरान कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।
आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में कैसा रहेगा मौसम?
महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 17 से 22 सितंबर तक कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
गुजरात में 17 से 19 सितंबर के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 17 सितंबर को बारिश की संभावना है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 17 और 18 सितंबर को गरज-चमक भी हो सकती है।
अभी मानसून की वापसी सिर्फ पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से शुरू होने के संकेत दे रही है। देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसलिए किसानों को अपने इलाके के मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए खेत में पानी निकासी, कटाई के लिए तैयार फसलों और खुले में रखी कृषि उपज को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।





