News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस
एग्री बुलेटिन

IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस

IFFCO ने बेंगलुरु में धर्मामृत नाम का नया प्राकृतिक सीवीड आधारित उत्पाद लॉन्च किया है। यह अमीनो एसिड और एल्जिनिक एसिड से युक्त है, जो फसलों की बढ़वार, पोषक तत्वों के अवशोषण और मिट्टी की सेहत सुधारने म

NP

Pooja Rai·Correspondent·29 Dec 2025· 3 min read

IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस

IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस

IFFCO ने बेंगलुरु में धर्मामृत नाम का नया प्राकृतिक सीवीड आधारित उत्पाद लॉन्च किया है। यह अमीनो एसिड और एल्जिनिक एसिड से युक्त है, जो फसलों की बढ़वार, पोषक तत्वों के अवशोषण और मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद करता है। नैनो उर्वरकों के साथ इसका उपयोग कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगा।

IFFCO (इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड) ने बेंगलुरु में हुई सहकारी एवं किसान सम्मेलन में “धर्मामृत (Dharamrut)” नाम का एक नया प्राकृतिक उत्पाद लॉन्च किया है। यह एक समुद्री शैवाल (सीवीड) से बना बॉटेनिकल एक्सट्रैक्ट है, जिसमें अमीनो एसिड और एल्जिनिक एसिड शामिल हैं। इसका मकसद किसानों को टिकाऊ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल खेती की ओर बढ़ने में मदद करना है।

वैज्ञानिक तकनीक और प्राकृतिक तरीकों का मेल
IFFCO के मैनेजिंग डायरेक्टर के. जे. पटेल ने बताया कि धर्मामृत जैसे उत्पाद वैज्ञानिक तकनीक और प्राकृतिक तरीकों का अच्छा मेल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद फसलों में पोषक तत्वों की बेहतर उपयोग क्षमता बढ़ाते हैं, पौधों की ताकत बढ़ाते हैं और कुल मिलाकर खेती को ज्यादा लाभकारी बनाते हैं।

कम लागत में बेहतर पैदावार लक्ष्य
उन्होंने यह भी कहा कि नैनो उर्वरकों के साथ धर्मामृत जैसे प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करने से किसान कम लागत में बेहतर पैदावार ले सकते हैं, साथ ही मिट्टी की सेहत भी सुधरती है। यही तरीका भविष्य की जलवायु-स्मार्ट और टिकाऊ खेती के लिए जरूरी है।

ये भी पढ़ें - ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार

मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा पर भी ध्यान
IFFCO के चेयरमैन दिलीप संघानी ने कहा कि सहकारी संस्थाएं लंबे समय से भारतीय खेती की रीढ़ रही हैं। किसान-केंद्रित नवाचारों और सहकारी व्यवस्था को मजबूत करके किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा भी की जा रही है।इस सम्मेलन में करीब 2,000 किसानों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मकसद किसानों से सीधे संवाद करना, उनकी जरूरतों को समझना और नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना था।

धर्मामृत क्या है?
धर्मामृत एक ऐसा प्राकृतिक उत्पाद है जो पौधों में पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाता है, जड़ और पौधे की बढ़वार को मजबूत करता है, फसल को मौसम और तनाव से लड़ने में मदद करता है और मिट्टी की लंबी अवधि की सेहत सुधारता है।
ऐसा माना जा रहा है कि IFFCO का यह नया कदम किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsDharmamritIFFCOkheti kisaninano-fertilizersNews Potlisustainable farmingखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs