News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. Hydroponic खेती क्या है, कैसे की जाती है, इसके लाभ क्या हैं ?
एग्री बुलेटिन

Hydroponic खेती क्या है, कैसे की जाती है, इसके लाभ क्या हैं ?

हाइड्रोपोनिक तकनीक भारत में धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है और किसानों को भी आकर्षित कर रही है. यह एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से बिना मिट्टी के ही सब्जियों को उगाया जाता है. यानी इस प्रकार की तकनीक के

NP

Pooja Rai·Correspondent·04 Apr 2025· 3 min read

Hydroponic खेती क्या है, कैसे की जाती है, इसके लाभ क्या हैं ?

Hydroponic खेती क्या है, कैसे की जाती है, इसके लाभ क्या हैं ?

हाइड्रोपोनिक तकनीक भारत में धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है और किसानों को भी आकर्षित कर रही है. यह एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से बिना मिट्टी के ही सब्जियों को उगाया जाता है. यानी इस प्रकार की तकनीक के जरिये खेती करने के लिए मिट्टी की ज़रूरत नहीं होती है. इसके जरिये बिना मिट्टी का इस्तेमाल किए आधुनिक तरीके से खेती की जा सकती है. इस प्रकार की खेती केवल पानी या पानी के साथ बालू और कंकड़ में की जाती है.

ऐसा देखा गया है कि मिट्टी की गुणवत्ता लगातार गिर रही है जिससे कई रोग भी उत्पन्न हो रहे हैं और इन सब चीजों को देखते हुए पिछले कुछ सालों में भारत में खेती की नई-नई तकनीकें सामने आई हैं. आजकल लोग अपनी छत या फिर बालकनी में फल या सब्जियां उगा रहे हैं. इस तरह से हाइड्रोपोनिक फार्मिंग काफी उपयुक्त तकनीक है. इस तकनीक के जरिये पौधे को लगाने से लेकर विकास तक के लिए मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का हाइड्रोपोनिक्स बाजार 2027 तक 13.53 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से विकसित होगा.

ये भी पढ़ें - किसान अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली, राजस्थान सरकार देगी सब्सिडी

क्या है हाइड्रोपोनिक्स?
हाइड्रोपोनिक्स "हाइड्रो" के प्राचीन ग्रीक से आता है, जिसका अर्थ है पानी, और "पोनिक्स", जिसका अर्थ है श्रम. पानी यहां काम कर रहा है और पौधों की तेजी से वृद्धि कर रहा है. मिट्टी का उपयोग न करने और इसके बजाय परलाइट, कोको कॉयर, रॉक वूल, क्ले पेलेट्स, पीट मॉस या वर्मीक्यूलाइट जैसे कार्बनिक पदार्थों का उपयोग करने की क्षमता ने हर जगह उत्पादकों को कई लाभ दिये हैं.

कम जगह में खेती का तरीक़ा
ऐसा बताया जाता है कि इस तकनीक से खेती करने के लिए लगभग 15 से 30 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है. और इसमें 80 से 85 प्रतिशत नामी वाली जलवायु में सफलतापूर्वक खेती की जा सकती है. हाइड्रोपोनिक सिस्टम में हम जिन पोषक तत्वों का उपयोग करते हैं, वे विभिन्न स्रोतों से आ सकते हैं, जैसे मछली का मलमूत्र, बत्तख की खाद, या रासायनिक उर्वरक.
इस प्रकार की तकनीक से फार्मिंग के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके जरिये गोभी, पालक, तुलसी, शिमला मिर्च, इत्यादि कई अन्य सब्जियां और फलों का उत्पादन किया जा सकता है.

हाइड्रोपोनिक खेती के लाभ
- मिट्टी रहित खेती
-स्थान का बेहतर उपयोग.
- वातावरण नियंत्रण.
- पानी की बचत.
- पोषक तत्वों का उपयोग.
- बेहतर विकास दर.
इसके अलावा हाइड्रोपोनिक सिस्टम में एवॉपोरेशन कम होता है, वे अधिक नियंत्रित होती हैं (अर्थात तापमान, नमी और वायु संरचना), तथा प्रदूषण और कचरा कम होने के कारण पर्यावरण के लिए बेहतर होती हैं।

वीडियो देखिए -

News Potli.
Clip & Share
“

— Hydroponic खेती क्या है, कैसे की जाती है, इसके लाभ क्या हैं ?

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsfarmingFUTURE FARMINGHydroponicskheti kisaniNews Potliuttar pradeshखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs