धान की कटाई और मंडियों में आवक का समय नजदीक आते ही हरियाणा में सरकारी खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से अपील की है कि वे मंडियों में वही धान लेकर आएं जो सरकारी खरीद के तय मानकों पर खरी उतरती हो। खास तौर पर धान में नमी की निर्धारित सीमा का ध्यान रखने को कहा गया है, ताकि मंडियों में खरीद के दौरान किसानों को परेशानी न हो।
पत्रकारों से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और आढ़तियों की जायज मांगों को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने किसानों से समय पर कृषि कार्य करने और खेती में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की भी अपील की।
खेतों में फसल की निगरानी
कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी लगातार खेतों का दौरा कर धान की फसल की स्थिति देख रहे हैं। फसल की बढ़वार, उपज, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और कीट-रोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल की नियमित निगरानी करें और किसी तरह की समस्या होने पर कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।
राणा ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाने और गोबर से तैयार खाद के इस्तेमाल को बढ़ाने की अपील की। उनका कहना है कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कृषि मंत्री ने फसल अवशेष प्रबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पराली प्रबंधन के क्षेत्र में काफी काम किया है। जागरूकता अभियान और सरकारी प्रयासों से किसानों में पराली न जलाने को लेकर बदलाव आया है।
15 सितंबर से शुरू हो धान खरीद
वहीं, कुरुक्षेत्र में किसानों ने धान की सरकारी खरीद को लेकर महापंचायत की। इसमें 10 किसान संगठनों ने मांग की कि धान की खरीद MSP पर 15 सितंबर से शुरू की जाए। किसानों ने कहा कि फसल तैयार है और समय पर खरीद शुरू नहीं हुई तो उन्हें नुकसान हो सकता है। किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर हर पांच किलोमीटर पर नए खरीद केंद्र और उप-मंडियां बनाने की भी मांग की।
हरियाणा में धान की सरकारी खरीद आमतौर पर 1 अक्टूबर से शुरू होती है, हालांकि पिछले साल 22 सितंबर से खरीद शुरू कर दी गई थी। इस बार भी किसान समय से पहले खरीद शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, सरकार मंडियों में खरीद, भंडारण और दूसरी जरूरी सुविधाओं की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।





