Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

GST रिफॉर्म: किसानों को ट्रैक्टर, कंबाइन और कृषि उपकरणों पर कितनी मिलेगी राहत?

जीएसटी काउंसिल ने खेती-बाड़ी के उपकरणों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। इससे किसानों को ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य मशीनरी खरीदने पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की

NP

Pooja Rai· Correspondent

8 सितंबर 2025· 2 min read

GST रिफॉर्म: किसानों को ट्रैक्टर, कंबाइन और कृषि उपकरणों पर कितनी मिलेगी राहत?

GST रिफॉर्म: किसानों को ट्रैक्टर, कंबाइन और कृषि उपकरणों पर कितनी मिलेगी राहत?

जीएसटी काउंसिल ने खेती-बाड़ी के उपकरणों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। इससे किसानों को ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य मशीनरी खरीदने पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की बचत होगी। इस फैसले से खेती की लागत कम होगी और किसान आधुनिक तकनीक आसानी से अपना सकेंगे।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जीएसटी काउंसिल ने खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर टैक्स घटाकर 12% से 5% कर दिया है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। इस फैसले से किसानों को उपकरण खरीदते समय हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की बचत होगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि टैक्स घटने से अब किसानों को ट्रैक्टर, कंबाइन, पावर टिलर, ट्रांसप्लांटर, थ्रेशर, पावर वीडर, ट्रेलर, बीज-खाद ड्रिल, रोटावेटर, हैप्पी सीडर, मल्चर जैसे उपकरण कम दाम में मिलेंगे।

ट्रैक्टर और कंबाइन पर राहत

हार्वेस्टर कंबाइन (12 फुट कटर बार): पहले ₹30,00,000 (12% GST सहित), अब ₹28,12,500 → ₹1,87,500 की बचत।

35 HP ट्रैक्टर: पहले ₹6,50,000, अब ₹6,09,000 → ₹41,000 की बचत।

45 HP ट्रैक्टर: ₹45,000 की बचत।

50 HP ट्रैक्टर: ₹53,000 की बचत।

75 HP ट्रैक्टर: ₹63,000 की बचत।

ये भी पढ़ें - 10 करोड़ किसानों को फायदा, दूध-पनीर टैक्स फ्री और ट्रैक्टर होंगे सस्ते

अन्य उपकरणों के नए दाम

13 HP पावर टिलर: पहले ₹1,90,000, अब ₹1,78,125 → ₹11,875 की बचत।

4 रो धान ट्रांसप्लांटर: पहले ₹2,46,000, अब ₹2,31,000 → ₹15,000 की बचत।

थ्रेशर: पहले ₹2,46,000, अब ₹2,31,000 → ₹15,000 की बचत।

7.5 HP पावर वीडर: पहले ₹87,920, अब ₹82,425 → ₹5,495 की बचत।

5 टन ट्रेलर: पहले ₹1,68,000, अब ₹1,57,000 → ₹11,000 की बचत।

बीज-उर्वरक ड्रिल: पहले ₹70,000, अब ₹65,625 → ₹4,375 की बचत।

8 फुट स्ट्रॉ रीपर: पहले ₹2,70,000, अब ₹2,53,000 → ₹17,000 की बचत।

हैप्पी सीडर: पहले ₹1,70,000, अब ₹1,59,375 → ₹10,625 की बचत।

6 फुट रोटावेटर: पहले ₹1,25,000, अब ₹1,17,000 → ₹8,000 की बचत।

8 फुट मल्चर: पहले ₹1,85,000, अब ₹1,73,000 → ₹12,000 की बचत।

न्यूमेटिक प्लांटर: पहले ₹5,25,000, अब ₹4,92,000 → ₹33,000 की बचत।

स्प्रेयर ट्रैक्टर माउंटेड: पहले ₹1,50,000, अब ₹1,40,000 → ₹10,000 की बचत।

सरकार के इस कदम से खेती की लागत घटेगी, आधुनिक तकनीक अपनाना आसान होगा और किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी।

ये देखें -

NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min