किसानों की कई पुरानी मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से गुरुग्राम में मुलाकात की। करीब चार घंटे चली बैठक में किसानों ने MSP की कानूनी गारंटी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से कृषि को बाहर रखने और खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों के उचित मुआवजे समेत कई मुद्दे उठाए। किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र भी सौंपा, जिसमें 10 प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
क्या हैं किसानों की 10 प्रमुख मांगें?
1. भारत-अमेरिका ट्रेड डील से कृषि को बाहर रखा जाए
किसानों की मांग है कि ट्रेड डील में कृषि, डेयरी, पोल्ट्री और मछली पालन को शामिल न किया जाए। उनका कहना है कि इससे किसानों की कमाई और घरेलू बाजार पर असर पड़ सकता है।
2. सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी
किसान चाहते हैं कि सरकार ऐसा कानून बनाए, जिससे हर फसल पर किसानों को MSP की गारंटी मिले। साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के मुताबिक C2 लागत पर 50% जोड़कर MSP तय करने की मांग की गई है।
3. किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए
किसान नेताओं ने संपूर्ण कर्ज माफी की मांग रखी। उनका कहना है कि फसलों का सही दाम नहीं मिलने से किसानों पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।
4. जमीन अधिग्रहण कानून में बदलाव
किसानों ने 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को फिर से लागू करने की मांग की है। इसमें जमीन लेने से पहले 75% किसानों की लिखित सहमति और बाजार भाव से चार गुना मुआवजा देने की मांग शामिल है।
5. हाईटेंशन बिजली लाइनों का उचित मुआवजा
खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की गई है।
6. गन्ने का FRP ₹600 प्रति क्विंटल किया जाए
किसानों ने गन्ने का FRP बढ़ाकर कम से कम ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग की है। साथ ही गन्ने का भुगतान 14 दिन के भीतर करने और देरी होने पर ब्याज देने की मांग भी रखी गई।
7. फसल नुकसान की भरपाई के लिए राष्ट्रीय नीति
बाढ़, सूखा और मौसम की दूसरी मार से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की है।
8. फसल बीमा योजना में बदलाव
किसान नेताओं ने मौजूदा फसल बीमा योजना को और ज्यादा किसान हितैषी बनाने की मांग की।
9. बीज और बिजली से जुड़े कानूनों पर किसानों की सहमति
किसानों का कहना है कि बीज और बिजली से जुड़े किसी भी नए प्रावधान को उनकी व्यापक सहमति के बिना लागू नहीं किया जाना चाहिए।
10. किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
किसान आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग भी की गई।
सरकार ने क्या कहा?
बैठक के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किसानों की मांगों पर अलग-अलग मंत्रियों से बातचीत की जाएगी और उन्हें पूरा करने की कोशिश की जाएगी। वहीं, किसान नेताओं ने सरकार के रुख को सकारात्मक बताया, लेकिन साफ कहा कि मांगें पूरी होने के बाद ही आंदोलन खत्म करने पर फैसला लिया जाएगा।





