केले की खेती करने वाले किसान आमतौर पर फल बेचकर कमाई करते हैं, लेकिन केले के पत्ते भी आमदनी का जरिया बन सकते हैं। लखनऊ के किसान रमेश वर्मा इसका उदाहरण हैं। वह लीज पर जमीन लेकर विदेशी सब्जियों की खेती करते हैं और आसपास के बड़े होटलों में सप्लाई करते हैं। अब उन्होंने बाजार की मांग को देखते हुए केले के पत्तों की खेती भी शुरू की है। रमेश के मुताबिक, किसान अगर बाजार की मांग को समझकर केले के पत्तों की खेती करें, तो इससे महीने में 40-50 हजार रुपये तक की कमाई हो सकती है।
केले के पत्तों की कहां होती है मांग?
केले के पत्तों का इस्तेमाल कई जगहों पर खाना परोसने, शादी-पार्टी, होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक कार्यक्रमों में किया जाता है। कुछ जगहों पर इनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए भी होता है। ऐसे में जहां केले के पत्तों की अच्छी मांग है, वहां किसान इन्हें बेचकर अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। इसके लिए स्थानीय दुकानदारों, होटल संचालकों और कैटरिंग कारोबारियों से संपर्क किया जा सकता है।
बाजार की मांग देखकर शुरू की खेती
लखनऊ के किसान रमेश वर्मा बताते हैं कि वह बाजार की मांग को देखकर ही खेती करते हैं। पहले वह विदेशी सब्जियों की खेती करते थे और उन्हें आसपास के बड़े होटलों में सप्लाई करते थे। करीब 2-3 महीने पहले उन्होंने देखा कि लखनऊ में केले के पत्तों की अच्छी मांग है और बाहर से पत्ते मंगाए जा रहे हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने केले के पत्तों की खेती शुरू कर दी।
“रमेश बताते हैं, “हमने देखा कि लखनऊ में केले के पत्तों की काफी मांग है और यहां बाहर से केले के पत्ते मंगाए जा रहे थे। जब मुझे यह पता चला, तो मैंने इसकी शुरुआत की। अब मांग के हिसाब से एक अलग खेत में केले के 200 पौधे लगाए हैं। इस खेत में केले की खेती सिर्फ पत्तों की बिक्री के लिए की जा रही है और इससे अच्छी कमाई हो रही है।”
केले के पत्तों से महीने में 40-50 हजार की कमाई
रमेश वर्मा के मुताबिक, अगर किसान बाजार की मांग को देखकर केले के पत्तों की खेती करते हैं, तो सिर्फ पत्ते बेचकर महीने में 40-50 हजार रुपये तक कमा सकते हैं। हालांकि, वास्तविक कमाई पत्तों की गुणवत्ता, बाजार में मांग, बिक्री की कीमत और खेती व ढुलाई पर आने वाली लागत पर निर्भर करेगी।
खेती से पहले बाजार को समझना जरूरी
रमेश वर्मा का मानना है कि खेती में अच्छी कमाई के लिए फसल उगाने से पहले बाजार को समझना जरूरी है। किसान अगर यह पता कर लें कि उनके आसपास किस चीज की मांग है और उसे खरीदने वाले कौन हैं, तो वह उसी के हिसाब से खेती की योजना बना सकते हैं। केले के पत्तों की खेती भी इसी सोच का एक उदाहरण है।





