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DAP उत्पादन हाल के महीनों में सबसे ऊंचे स्तर 3.84 लाख मीट्रिक टन पर पहुंचा, नकली खाद मुद्दे पर उर्वरक मंत्री नड्डा ने कही ये बात

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उर्वरक विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर, चालू खरीफ मौसम के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा की। बैठक के

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Pooja Rai· Correspondent

6 जून 2025· 3 min read

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DAP उत्पादन हाल के महीनों में सबसे ऊंचे स्तर 3.84 लाख मीट्रिक टन पर पहुंचा, नकली खाद मुद्दे पर उर्वरक मंत्री नड्डा ने कही ये बात

DAP उत्पादन हाल के महीनों में सबसे ऊंचे स्तर 3.84 लाख मीट्रिक टन पर पहुंचा, नकली खाद मुद्दे पर उर्वरक मंत्री नड्डा ने कही ये बात

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उर्वरक विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर, चालू खरीफ मौसम के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने राष्ट्र के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने फसल उत्पादकता का सहयोग करने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया। नड्डा को खरीफ 2025 के लिए उर्वरक आपूर्ति और तैयारियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि उर्वरकों का घरेलू उत्पादन उच्चतम स्तर पर बना हुआ है। डीएपी उत्पादन हाल के महीनों में सबसे अधिक 3.84 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। भारतीय उर्वरक कंपनियों ने मांग और घरेलू आपूर्ति के बीच के अंतर को दूर करने के लिए उर्वरकों के प्रमुख निर्यातक देशों सऊदी अरब, मोरक्को और रूस के साथ गठजोड़ किया है, जिससे पूरे वर्ष नियमित आयात सुनिश्चित हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी राज्यों में उर्वरकों को तुरंत उपलब्ध कराने को सुनिश्चित करने को कहा। इस संबंध में, उन्होंने सभी हितधारकों जैसे राज्य सरकारों, उर्वरक कंपनियों, रेलवे और पत्तन प्राधिकरणों के साथ अभिन्न समन्वय के महत्व पर बल दिया।

ये भी पढ़ें - हरियाणा में जैविक उत्पादों के लिए दो मंडियां बनाई जाएंगी, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए 20 हजार रुपये भी दिए जाएंगे: मुख्यमंत्री सैनी

यूरिया पर बढ़ती निर्भरता पर भी चिंता व्यक्त की
नड्डा ने रासायनिक उर्वरकों, विशेष रूप से यूरिया पर बढ़ती निर्भरता पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दीर्घकालीन कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने अधिकारियों को पीएम-प्रणाम (मातृ-भूमि के पुनरुद्धार, जागरूकता सृजन, पोषण और सुधार के लिए पीएम कार्यक्रम) को लागू करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया। इस पहल का उद्देश्य उर्वरकों के दीर्घकालीन और संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करना, वैकल्पिक उर्वरकों को अपनाना और जैविक और प्राकृतिक खेती के तरीकों को प्रोत्साहन देना है। रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाने वाले राज्यों को इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोत्साहन मिलेगा।

उर्वरकों के अवैध उपयोग, जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ होगी कार्रवाई
जगत प्रकाश नड्डा ने उर्वरकों के अवैध उपयोग, जमाखोरी और कालाबाजारी के मुद्दे का समाधान करने के लिए राज्य सरकारों के साथ समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इन कुप्रथाओं को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने का आह्वान किया कि उर्वरक इच्छित प्राप्तकर्ताओं तक पहुँचें।
बैठक में उर्वरक विभाग के सचिव रजत कुमार मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे जिनमें अपर सचिव अनीता मेश्राम, अपर सचिव अपर्णा एस. शर्मा और निदेशक (गतिविधि) अभय शर्मा सम्मिलित थे।

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